बाढ़ सुखाड़ की पूर्व तैयारी को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश ने वीडियो कांन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की. इस दौरान सभी जिलों के जिलाधिकारी जुड़े थे. खासकर पटना, सहरसा,समस्तीपुर, खगड़िया, दरभंगा एवं मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारियों ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए.
बैठक के दौरान सीएम नीतीश ने कहा कि कोरोना संक्रमण का अभी दौर चल रहा है इससे बचाव हमारी प्राथमिकता है. पूरा प्रशासन इसके लिए तत्परता से काम कर रहा है. इस विषम परिस्थिति में सबको मिल जुलकर काम करना है. उन्होंने कहा कि बिहार में कभी बाढ़, कभी सुखाड़ की स्थिति बनी रहती है. हर वर्ष की तरह इस बार भी बाढ़ और सुखाड़ की संभावना को देखते हुए पूरी तैयारी रखे. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का टीम बनाकर सही आकलन करवाएं. साथ ही प्रभावित लोगों की सूची बनाते समय पूरा पारदर्शिता बरती जाए ताकि कोई भी पीड़ित लाभ से वंचित न रहे. बाढ़ राहत कार्यो में जिन-जिन पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं जीविका दीदीयों का सहयोग लिया जाएगा उनका टीकाकरण अवश्य करवा लें.
सीएम ने कहा कि बाढ़ से सुरक्षा के लिए बचे हुए सभी कटाव निरोधक कार्य एवं बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य को जल्द पूरा करें. बाढ़ की स्थिति में तटबंधों के निगरानी के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए. इसके लिए गश्ती कार्य नियमित रूप से हो. उन्होंने कहा क सभी विधायकों एवं पथ निर्माण एवं ग्रामीण कार्य विभाग बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों की मरम्मती की पूर्ण तैयारी रखें. ग्रामीण सड़कें जो पहले से क्षतिग्रस्त उनका भी मरम्मती कार्य जल्द पूर्ण करें. गुणवत्ता पूर्ण सड़कों का निर्माण के साथ उनको मेनटेन रखना भी उतना ही जरूरी है.
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 30 मई तक पशुचारा का दर एवं आपूर्तिकर्ता, बाढ़ राहत सामग्री आदि के संबंधन में पूरी व्यवस्था कर लें. सुखाड़ की स्थिति में पशुओं के लिए जल की उपलब्धता हो, इसकी भी तैयारी रखें. उन्होंने कहा कि हर घर तक नल का जल के माध्यम से लोगों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है. साथ ही अगर कहीं चापाकल की आवश्यकता महसूस होगी तो उसकी भी व्यवस्था करें. उन्होंने कहा कि बाढ़ एवं सुखाड़ को लेकर पूर्ण तैयारी रखें. इसको लेकर जून के पहले सप्ताह में एकबार फिर से समीक्षा की जाएगी.





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