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अगले तीन सप्ताह में चरम पर पहुंच सकता है कोरोना, केंद्र ने बताया- क्या तैयारी करना है जरूरी

तैयार करने की रणनीति पर पहले से ही काम करने की सलाह दी है। नीति आयोग की ओर से मंगलवार को कहा गया कि कोरोना से जंग में अगले तीन सप्ताह अहम होने वाले हैं। केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव और पुलिस प्रमुखों के साथ मीटिंग में नीति आयोग की स्वास्थ्य समिति के सदस्य वीके पॉल ने यह सलाह दी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से लड़ाई में अगले तीन सप्ताह अहम रहने वाले हैं। ऐसे में हमें पहले से ही कंटेनमेंट जोन आदि तैयार करने का काम शुरू कर देना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेशों को पहले ही तैयारी कर लेनी चाहिए। अगले तीन सप्ताह अहम हैं और उसके मुताबिक पॉजिटिव केसों का पता लगाने के लिए सर्वे कराना चाहिए। इस वर्चुअल मीटिंग की अध्यक्षता केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला और स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण कर रहे थे। इसके अलावा मीटिंग में आईसीएमआर के निदेशक डॉ. बलराम भार्गव भी शामिल थे। मीटिंग में अजय कुमार भल्ला ने कहा कि देश में कोरोना का संकट तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनवरी में यह आंकड़ा हर दिन 20,000 का था, जो अब 10 गुना से भी ज्यादा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि बीते 10 दिनों में देश में नए केसों के मिलने की संख्या दोगुने से ज्यादा हो गई है। उन्होंने कहा कि 9 अप्रैल को देश में कुल 1.31 लाख एक्टिव केस मिले, जबकि 20 अप्रैल को यह आंकड़ा बढ़कर 2.73 लाख हो गया। 

मीटिंग में केंद्र सरकार की ओर से सभी यूनियन टेरिटरीज को टेस्टिंग में इजाफा करने और हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की सलाह दी गई। इसके अलावा कंटेनमेंट जोन्स को लेकर प्लानिंग करने और कोरोना प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू कराए जाने का भी आदेश दिया। अजय कुमार भल्ला ने कहा कि हमें तीन सप्ताह के हिसाब से पहले ही अस्पतालों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें आरटी-पीसीआर टेस्ट में भी इजाफा कर देना चाहिए। इसके अलावा रैपिड एंटीजेन टेस्ट भी जारी रखने चाहिए। 

दिल्ली ने उठाया बेड्स की कमी का मुद्दा, केंद्र से कहा- मदद करिए
इस मीटिंग के दौरान ज्यादातर केंद्रशासित प्रदेशों ने कहा कि उन्होंने लोगों के मूवमेंट को सीमित किया है। इसके अलावा नाइट कर्फ्यू, लॉकडाउन जैसी पाबंदियां भी लागू की हैं। चंडीगढ़ की ओर से बताया गया कि वैक्सीनेशन में इजाफे के लिए काउंसिलिंग की जा रही है। इसके अलावा कोशिश की जा रही है कि लोग होम आइसोलेशन में रहें और जरूरी सावधानियों को बरतते हुए सही हों। इस दौरान दिल्ली ने बेड की कमी का मुद्दा भी उठाया और केंद्र सरकार की ओर से इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में मदद की मांग की।

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