कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए 15 मई तक हर रात 9 बजे से नाइट कर्फ्यू लगेगा। इसकी शुरुआत सोमवार से हाे गई। बाजार की दुकानें नीयत समय पर बंद हाे गईं। जाे कुछ खुले थे, उन्हें पुलिस की टीम ने बंद कराया। कुछ ही देर बाद शहर की सड़कें खाली हाे गईं और 9 बजते-बजते सन्नाटा पसर गया।
लोग अपने-अपने घर में कै’द हो गए। दो घंटे के अंतराल में दो तरह के दृश्य थे। शाम 6 बजे जहां बाजार में भीड़ का रेला था तो 3 घंटे बाद सुनसान सड़कों पर नाइट कर्फ्यू। कोरोना की पाबंदियों से पहले रात 9 बजे जो कल्याणी चौक गुलजार रहता था। लोग देर रात तक पान-चाय की दुकानों पर जमे रहते थे। वहां न तो एक भी दुकान खुली थी और न ही कोई लोग खड़े मिले। हालांकि, कुछ देर के अंतराल पर इक्के-दुक्के बाइक और चार पहिया वाहनों की आवाजाही हो रही थी।
मिठनपुरा चौक पर तीन-चार लोग ही टहलते मिले। आसपास के मोहल्ले के ही होंगे। 3 पुलिसकर्मी भी वहां पर खड़े थे। 10 बजे लौटे तो न लोग दिखे न पुलिस वाले ही। मिठनपुरा चौक से कल्याणी तक रास्ते में सिर्फ दवा की 3 दुकानें खुली थीं। कई लोग देर रात दवा की खरीदारी कर रहे थे। पूछने पर क्लब रोड निवासी राजेश शर्मा ने बताया कि भाई को दो दिन से बुखा’र है। हम आगे बढ़कर सरैयागंज टावर चौक पहुंचे। रात के 9.20 हो चुके थे। लेकिन कुछ लोग ही बात करते दिखे। तीन चार दुकानदार आधा शटर गिरा गुटखा पान मशाला आदि की बिक्री कर रहे थे।
तभी तीन बाइक पर गश्ती करते हुए पुलिस की टीम सिकंदरपुर से टावर चौक की तरफ बढ़ी तो कुछ देर के लिए दुकानदार से लेकर वहां खड़े लोग सहम गए। दुकान का शटर बंद कर दिया। उधर, धर्मशाला चौक से स्टेशन रोड की तरफ जा रहे एक बाइक सवार ने बताया कि रेस्टोरेंट बंद कर घर ब्रह्मपुरा लौट रहे हैं। बाइक आदि से अधिकतर लोग काम कर घर लौटते ही मिले। कर्फ्यू और कोरोना को लेकर की गई सख्ती के अनुसार ही जिस तरह साेमवार को घर से वही निकले, उसी तरह रूटीन बना लें तो कोरोना भाग जाएगा। मास्क पहननेवालों की संख्या भी बढ़ी है, जो अच्छा है।








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