शनिवार के दिन हमने जिले के तुर्की इलाके में स्थित आर०डी०जे०एम मेडिकल कॉलेज व अस्पताल से जुड़ा एक खबर दिखाया था। खबर था कि किस तरीके से तीन टु’कड़ो में बंटी कलाई की हड्डी लेकर एक अधे’ड़ उम्र के मरीज अस्पताल आये और बिना सर्ज’री और ‘बेहो’शी के उनके इलाज की प्रक्रिया महज 15 मिनट में सफलतापूर्वक पूरी हो गईं। जिसके लिए उनसे अस्पताल की ओर से कोई शुल्क नही लिया गया।

शनिवार को हमारे पोर्टल पर प्रकाशित इस खबर का असर ये हुआ कि आज छुट्टी का दिन होने के बावजूद आर०डी०जे०एम मेडिकल अस्पताल में मरीजों का तांता लगा रहा। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने केवल उन्हीं लोगों को एडमिट किया, जिनकी हालत गंभीर थी।

आर०डी०जे०एम मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के सहायक प्राध्यापक डॉ गजानन टोकाल ने रविवार को अस्पताल में इलाज के लिए बड़ी संख्या में आये मरीजों की जानकारी देते हुए बताया कि आज सुबह से ही मरीजों के आने का सिलसिला जारी रहा।

महाराष्ट्र के मुंबई से आकर अस्पताल में सेवा दे रहे डॉ टोकाल ने बताया कि आन वाले मरीजों के प्रारंभिक चरण के इलाज के बाद हमने वैसे ही मरीजों को अस्पताल में स्थान दिया जिनकी स्थिति गंभीर थी। उन्होंने बताया कि आने वाले मरीजों में कोई फेफड़े की बीमारी से ग्रसित था तो कोई असहनीय दर्द से पीड़ित था। कुल मिलाकर कहें तो अस्पताल में आने वाले मरीज अलग-अलग बीमाड़ी से जूझ रहे थे।

मालूम हो कि आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय से संबंद्धता प्राप्त आर०डी०जे०एम मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में इन दिनों न केवल निःशुल्क चिकित्सीय सेवा मुहैया कराया जा रहा है, बल्कि अस्पताल में एडमिट हुए मरीजों के खान-पान व रख-रखाव की पूरी जिम्मेदारी भी अस्पताल प्रशासन की ओर से ही वहन किया जा रहा है।









Comment here