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आज नीतीश कुमार के साथ आएंगे उपेंद्र कुशवाहा, पढ़ें JDU के साथ रालोसपा के विलय की इनसाइड स्टोरी

पटना. आखिरकार लम्बे समय तक चल रहे तमाम राजनीतिक कयासों का अंत हो गया है. बिहार में आज यानी रविवार को लव-कुश समीकरण के दो बड़े नेताओं नीतीश कुमार और उपेन्द्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) की पार्टी एक हो जाएगी. RLSP का विलय JDU में हो जाएगा. दरअसल विधानसभा चुनाव परिणाम के आने के बाद से ही उपेन्द्र कुशवाहा ने जेडीयू के प्रति नरम रवैया अख़्तियार कर लिया था. जेडीयू के खिलाफ उन्होंने बयान देना बंद कर दिया था, लेकिन कुशवाहा का नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के प्रति प्रेम खुलकर सबसे पहले तब छलका था, जब तेजस्वी यादव ने सदन में नीतीश कुमार पर व्यक्तिगत हमला बोल दिया था.

नीतीश कुमार ने सदन में गुस्से में तेजस्वी यादव को कहा था कि तुम मेरे भाई समान दोस्त के बेटे हो, इसलिए बर्दाश्त करता हूं, क्या कोई इस तरह का बयान देता है. नीतीश कुमार पर तेजस्वी यादव के दिए इसी बयान ने कुशवाहा को नीतीश कुमार के नजदीक लाने की पहली भूमिका तैयार कर दी थी. तब कुशवाहा ने NEWS 18 से बातचीत करते हुए कहा था कि नीतीश कुमार पर इस तरह का कोई बयान देगा तो वो बर्दाश्त नहीं करेंगे.

इस तरह बढ़ती गई नजदीकियां

उपेंद्र कुशवाहा के इसी बयान को सुनकर जेडीयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने उपेन्द्र कुशवाहा के बयान का स्वागत किया था. उपेन्द्र कुशवाहा को पुराना सहयोगी बताते हुए उन्होंने ये भी कहा था कि, ‘उनका बयान स्वागत योग्य है और अगर कुशवाहा जी जेडीयू के साथ आना चाहते हैं तो पार्टी उनका स्वागत करेगी.’ इसी के बाद जेडीयू और कुशवाहा में नजदीकियां बढ़ती चली गईं. उसके बाद से वशिष्ठ नारायण सिंह और कुशवाहा की कई बार मुलाक़ात हुई और इस मुलाक़ात में नीतीश कुमार भी शामिल हुए और बात बनती चली गई.

बिना शर्त विलय को तैयार हुए कुशवाहा

नीतीश कुमार के साथ बात इस स्तर पर बन गई है कि उपेन्द्र कुशवाहा बिना शर्त जेडीयू में अपनी पार्टी रालोसपा के विलय के लिए तैयार हो गए हैं. उपेन्द्र कुशवाहा की भूमिका जेडीयू में क्या होगी, इस सवाल पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह कहते हैं कि उपेन्द्र कुशवाहा, जेडीयू के पुराने सहयोगी रहे हैं और उनकी घर वापसी हुई है. JDU में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है. उनके सम्मान का पूरा ख्याल रखा जाएगा. वशिष्ठ नारायण सिंह ये भी बताना नहीं भूलते कि कुशवाहा के जेडीयू के साथ आने पर पार्टी को बहुत मज़बूती मिलने वाली है.

जेडीयू संगठन में मिल सकता है बड़ा पद

उपेन्द्र कुशवाहा ने 14 मार्च को RLSP में विलय के पहले नीतीश कुमार से वशिष्ठ नारायण सिंह के साथ लगभग एक घंटे तक एक अणे मार्ग में जाकर मुलाकात की थी. खबर है कि नीतीश से इसी मुलाक़ात के बाद उपेन्द्र कुशवाहा पूरी तरह से संतुष्ट हो गए हैं. सियासी हलकों में खबर है कि वे जेडीयू के साथ लम्बी पाली खेलने की तैयारी भी कर चुके हैं. सूत्र बताते हैं कि उपेन्द्र कुशवाहा संगठन में बड़ा पद सम्भाल सकते हैं और इसकी तैयारी नीतीश कुमार न कर ली है.

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