Patna: बिहार में हर घर नल का जल (Har Ghar Nal Jal Yojna) को लेकर पीसीसी (PCC) और सड़क की खुदाई कर छोड़ चुके एजेंसियों पर FIR दर्ज होगी. बंद नल जल वार्ड सदस्यों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. एजेंसियों और अधिकारियों को सात दिनों के अंदर चालू नल का जल चालू करना होगा. बिहार में हर घर नल का जल पर नीतीश सरकार ने सख्त रूख अपना लिया है.
नल का जल योजना (Har Ghar Nal Jal Yojna) में ग्राम पंचायत के संबंधित वाई सदस्यों और एजेंसियों पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. पंचायती राज विभाग (Panchayati Raj) ने ऐसे वार्ड सदस्यों और एजेंसियों को पन्द्रह दिनों की मोहलत दी है. दो सप्ताह के अंदर खोदे गए पीसीसी (PCC) और सड़क को मरम्मत नहीं किया गया तो वे जेल भी भेजे जाएंंगे.
पंचायती राज विभाग (Panchayat Raj Department) ने सभी जिलाधिकारियों डीडीसी (DDC) और जिला पंचायती राज अधिकारियों को कहा है कि सभी ग्राम पंचायतों के हर वार्ड में जिन एजेंसियों द्वारा सड़कों की खुदाई करके पुनस्थापन नहीं किया है, उन्हें पंद्रह दिनों के अंदर पूर्व की तरह करना होगा. यदि कोई मरम्मत नहीं करता तो उनके विरुद्ध स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए अन्य संगत प्रशासनिक कार्रवाई की जाए,
आदेश में कहा गया है कि सीएम ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना (CM Gramin PayJal Nishchay Yojna) के प्राक्कलन में क्षति के पुनस्थापन का प्रावधान किया गया है. वैसी स्थिति में सीएम ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के कार्यान्यवन के उत्तरदायी एजेंसियों का यह दायित्व बनता है कि वे खोदे गए सड़को का शीघ्र पुनस्थापन कर दे.
यही नहीं पंचायती राज विभाग (Panchayati Raj Department) ने कहा कि हर घर नल का जल योजना (Har Ghar Nal Jal Yojna) का काम पूरा होने के बाद यदि किसी कारणवश बंद पड़ गया है उसे तुरंत चालू कराया जाए. बंद पड़े योजना के विरुद्ध सरकार कार्रवाई करेगी. सबंधित वार्ड सदस्य और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. बंद पड़ी नल जल को सात दिनों के अंदर ठीक करना होगा.






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