Patna: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) आज बिहार सैन्य पुलिस-5 परिसर स्थित मिथिलेश स्टेडियम में बिहार पुलिस सप्ताह 221 कार्यक्रम में शामिल हुए. इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार पुलिस सप्ताह के अवसर पर आप सभी लोगों को मैं हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं.
बिहार पुलिस सप्ताह कार्यक्रम वर्ष 1958 में पहली बार आयोजित की गई थी. उसके बाद 1981 में आयोजित की गई. वर्ष 27 से प्रतिवर्ष 22 से 27 फरवरी के बीच इसका आयोजन किया जाता है. इस कार्यक्रम के दौरान मुझे भी आने का मौका मिलता है.
बिहार पुलिस सप्ताह (Bihar Police Week) कार्यक्रम के दौरान कई बातों की जानकारी दी जाती है, लोगों को प्रेरित किया जाता है. बाहर से वरिष्ठ अधिकारियों को भी बुलाकर प्रशिक्षित कराया जाता है. जानकारी मिली कि वेबकॉस्टिंग के माध्यम से 1, पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है.
पिछले 15 वर्षों में 5 हजार अधिक नियुक्तियां पुलिस में हुई
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने कहा कि लोगों को सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है. हमलोगों ने पुलिस की सुविधाओं और उनकी जरुरतों को ध्यान में रखते हुए कई कदम उठाए हैं. पिछले 15 वर्षों में 5 हजार से अधिक नियुक्तियां पुलिस में की गई हैं. 1 हजार से अधिक नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं.
अगर पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों की और आवश्यकता होगी तो उसे भी पूरा किया जाएगा. उन्होंने कहा कि महिला बटालियन का गठन किया गया. अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए स्वाभिमान बटालियन का गठन किया गया. हर जिले में महिला थाना की स्थापना की गई है. पुलिस बल में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है.
पुलिस बल में 23 फीसदी हो गई हैं महिलाएं
पुलिस बल में महिलाओं की संख्या अब 23 प्रतिशत हो गई है और अगले 3-4 वर्षों में 3 से 35 प्रतिशत पहुंच जाएगी. शायद ही किसी राज्य में इतनी संख्या में महिला पुलिस बल में होंगी. आत्मनिर्भर बिहार (Aatmnirbhar Bihar) के सात निश्चय पार्ट-2 (Saat Nishchay Part-2) के अंतर्गत सभी सरकारी कार्यालयों में महिलाकर्मियों की पर्याप्त संख्या करने को कहा गया है, जिससे वहां किसी कार्य के सिलसिले में आने वाली महिलाओं का आत्मविश्वास बना रहे और उनकी समस्याओं के निष्पादन में भी सहूलियत हो.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने कहा कि पहले से आज की तुलना में पुलिस के काम में बहुत अंतर आया है. कानून व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के साथ-साथ सांप्रदायिक एकता का माहौल कायम रखने में पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका है. वर्ष 25 के बाद से बिहार का माहौल बदला है. कुछ लोग माहौल खराब करना चाहते हैं.
बिहार में कानून का राज कायम रहेगा- CM
बिहार में कानून का राज कायम रहेगा. उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों के लिए भी हमलोग लगातार काम कर रहे हैं. वर्ष 28 में छात्राओं के लिए साईकिल योजना की शुरुआत किए जाने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा, लड़कियों के लिए पोशाक योजना की शुरुआत की गई. राज्य की महिलाओं में आत्मविश्वास का भाव पैदा हुआ. राज्य की सभी सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है.
नियुक्ति और ट्रेनिंग पर सरकार का विशेष ध्यान है. राजगीर में बेहतर पुलिस एकेडमी का निर्माण कराया गया है. पुलिस भवन और थानों की स्थिति में सुधार किया गया है. सरदार पटेल भवन में पुलिस मुख्यालय को स्थापित किया गया है.
CM बोले- हर जिलों में बनाई जाएगी चलंत विधि विज्ञान
उन्होंने कहा कि जांच में तेजी लाने की कोशिश हो रही है. हर जिलों में चलंत विधि विज्ञान इकाई बनायी जायेगी. हमलोगों की अपेक्षा है कि पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन करें. अपराध की ससमय जांच हो और अपराधियों को दंड दिलाया जा सके. उन्होंने कहा कि जिले में SP को भी सप्ताह में 3 से 4 दिन घूमना चाहिए. इससे पुलिस की कार्य संस्कृति में और सुधार होगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि WHO ने स्वास्थ्य से संबंधित वर्ष 218 में सर्वे रिपोर्ट जारी किया था, जिसमें बताया गया था कि एक वर्ष में जितनी मृत्यु होती है उसमें 5.3 प्रतिशत लोगों की मृत्यु शराब सेवन के कारण होती है. 2 से 39 आयु वर्ग के 13.5 प्रतिशत युवाओं की मृत्यु शराब की वजह से होती है. शराब पीने से 18 प्रतिशत आत्महत्या के मामले सामने आते हैं.
शराब पीने की वजह से होती हैं 2 प्रकार की बीमारी
ड्राइवर के शराब पीने की वजह से 27 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं (Road accident) होती हैं. 48 प्रतिशत लीवर की गंभीर बीमारी शराब पीने से होती है. 26 प्रतिशत माउथ कैंसर और पेनक्रियाज की गंभीर बीमारी भी शराब पीने से होती है. शराब पीने की वजह से 2 प्रकार की बीमारियां होती हैं. गंभीर बीमारियों से ज्यादा शराब पीने से लोग मरते हैं. शराब मामले में अब बड़ी कार्रवाई हो रही है.
शराबबंदी में स्वान और उड़न दस्ते की भी मदद ली जायेगी. धंधेबाजों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है, किसी के प्रति कोई समझौता नहीं होगा. अपराधी कोई भी हो बचेंगे नहीं. शराबबंदी लागू रहेगी, कोई ढिलाई नहीं होगी.
जब तक ये धरती है, गांधीजी के विचार जीवित रहेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक ये धरती है तब तक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचार जीवित रहेंगे. अप्रैल 216 से जनवरी 221 तक शराबबंदी से संबंधित 2 लाख 55 हजार 111 मामले दर्ज किये गये हैं. लगभग 51.7 लाख लीटर देसी शराब और 94.9 लाख लीटर विदेशी शराब जब्त की गई. 3 लाख 39 हजार 41 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई. 47 अभियुक्तों को न्यायालय से सजा मिली.
सीमावर्ती और नेपाल के इलाकों से 541 शराब कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया. महत्वपूर्ण कांडों के अनुसंधान के क्रम में राज्य के बाहर से संलिप्त धंधेबाजों एवं शराब माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई की गई. मद्य निषेध इकाई द्वारा असम, पंजाब और हरियाणा जाकर बड़े कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया. शराब से जुड़े मामलों में 37 हजार 484 गाड़ियां जब्त की गई. 3 हजार 482 गाड़ियां नीलाम की गईं हैं.
इतने लोगों पर हो गई कार्रवाई
उन्होंने कहा कि शराबबंदी की मुहिम में पुलिस एवं उत्पाद विभाग के शिथिलता बरतने वाले अधिकारी एवं कर्मियों पर भी कार्रवाई की गयी है. कुल 619 अधिकारियों एवं कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की गयी है. 348 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. 186 लोगों को बर्खास्त तथा 6 पुलिस पदाधिकारियों को थानाध्यक्ष के पद से वंचित किया गया है.
शराबबंदी मेरा व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं, लोगों के हित में है- CM
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी मेरा व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं, यह लोगों के हित में है. गांधी जी ने कहा था कि पृथ्वी लोगों की जरूरतों को पूरा कर सकती है, लालच को नहीं. पर्यावरण संरक्षण के लिए जल-जीवन-हरियाली अभियान (Jal Jeevan Hariyali Abhiyaan) चलाया जा रहा है. बापू ने सात सामाजिक पापों की चर्चा की है जिसके बारे में आपलोग भी लोगों को बताइये.
बापू ने सिद्धांत के बिना राजनीति, काम के बिना धन की प्राप्ति, विवेक के बिना सुख, चरित्र के बिना ज्ञान, नैतिकता के बिना व्यापार, मानवता के बिना विज्ञान और त्याग के बिना पूजा को सात सामाजिक पाप बताया है.
पुलिस के काम की गुणवत्ता में आया काफी सुधार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने कहा कि समाज में प्रेम, शांति एवं सद्भाव के साथ ही सकारात्मक माहौल बनाए रखने में पुलिस बल की भूमिका महत्वपूर्ण है. कोई भी अपराध की घटना घटने पर तत्काल जांच होती है और दोषियों को सजा दिलाई जाती है. उन्होंने कहा कि राज्य में न सिर्फ पुलिस बल की संख्या बढ़ी है बल्कि पुलिस के काम की गुणवत्ता में भी पहले से काफी सुधार आया है.
बिहार पुलिस सप्ताह के अवसर पर मेरी कामना है कि आपके काम की तारीफ हो, पुलिस बल की प्रशंसा हो और आप सभी को कामयाबी मिलती रहे.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत पुलिस महानिदेशक SK सिंघल (SK Singhal) ने पुष्प-गुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंटकर किया. कार्यक्रम की शुरूआत में मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली.
वीरता के लिए ये लोग किए गए सम्मानित
मुख्यमंत्री ने वीरता के लिए मुजफ्फरपुर की रानी कुमारी, जमुई की अर्पिता, जमुई के मो मुतुर्रहमान, सारण के अतुल मुकेश, दरभंगा के संतोष कुमार महतो तथा सुधीर कुमार और जमुई के गौरव सिंह राठौर को नागरिक प्रशस्ति पत्र और चेक देकर सम्मानित किया.
साथ ही उत्कृष्ट कार्य के लिए CID के ADG विनय कुमार, ADG स्पेशल ब्रांच जितेंद्र गंगवार सहित सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक प्रतिभा सिन्हा, सेवानिवृत पुलिस उपाधीक्षक राकेश कुमार, सेवानिवृत पुलिस उपाधीक्षक सैयद रफत कमाल, पुलिस अवर निरीक्षक बासुकीनाथ मिश्रा को भी सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम को पुलिस महानिदेशक SK सिंघल एवं BMP के DG आरएस भट्टी ने भी संबोधित किया.
ये अधिकारी थे मौजूद
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव, गृह सह मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, महानिदेशक, प्रशिक्षण एवं अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक, बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम लिमिटेड आलोक राज, गृह रक्षावाहिनी एवं अग्निशमन सेवाओं की महानिदेशक मती शोभा अहोतकर, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित अन्य वरीय पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिसकर्मी उपस्थित थे.






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