बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मुजफ्फरपुर जिला मजिस्ट्रेट समेत 14 लोगों के खिलाफ मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट में केस दर्ज हुआ है। मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट के वकील जयचंद्र प्रसाद साहनी ने बताया कि चाकी सोहागपुर में मतदाता के रूप में अन्य पंचायत के लोगों के नाम सूचीबद्ध करने के मामले में इन सभी लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
आपको बता दें कि बिहार पंचायत चुनाव के लिए तैयार मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायतों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने कड़ा प्रावधान किया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि अंतिम सूची प्रकाशित करते समय सभी बीडीओ को यह लिखित प्रमाण देना होगा कि प्रकाशित मतदाता सूची सही है। आयोग के इस कड़े कदम के बाद मतदाता सूची तैयार करने वाली कार्य एजेंसी से लेकर अधिकारियों तक में हड़कंप है। null
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव योगेंद्र राम ने इसको लेकर आदेश जारी किया है। उन्होंने कहा है कि आयोग ने सभी बीडीओ को विधानसभा की मतदाता सूची में से उन लोगों के नाम की सूची भेजी है, जिनका नाम किसी कारणवश पंचायत की मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है। आयोग ने कहा है कि अब सभी बीडीओ छूटे मतदाताओं के नाम वाली सूची डाउनलोड कर देख लें कि पंचायत चुनाव के लिए प्राकाशित प्रारूप में उन मतदाताओं के नाम हैं या नहीं। यह निश्चित होने के बाद कि उनका नाम मतदाता सूची से छूट गया है, या दूसरे मतदान केंद्र या पंचायत में अंकित हो गया है, बीडीओ उसमें सुधार करेंगे।
सुधार के बाद 19 फरवरी को मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। उस फाइनल मतदाता सूची के प्रकाशन के समय सभी बीडीओ को यह लिखकर देना होगा कि प्रकाशित मतदाता सूची सही है और विधानसभा की मतदाता सूची में दर्ज सभी नाम पंचायत की सूची में भी शामिल हैं।






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