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तपोवन में ‘जल प्रलय’: अचानक आई बाढ़ में 150 लोग बहे, 10,000 लोगों के प्रभावित होने की आशंका

चमोली. चमोली (Chamoli) में ग्लेशियर हादसे (Glacier Accident) पर पुलिस-प्रशासन में पूरे जिले में अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने कहा है कि तपोवन रैणी क्षेत्र में ग्लेशियर आने के कारण ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट (Rishiganga Power Project) को क्षति पहुंची है, जिससे नदी का जल स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है. इस कारण अलकनंदा नदी किनारे रह रहे लोगों से अपील है कि अतिशीघ्र सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं. वहीं, कहा जा रहा है कि जोशीमठ के पास रेनी गांव और उसके आसपास का इलाका सर्वाधिक प्रभावित हैं. उत्तराखंड सरकार के चीफ सेक्रेटरी ने इस बीच कहा है कि ग्लेशियर हादसे में 100 से 150 लोगों के बहने की आशंका है. इससे पहले स्थानीय प्रशासन ने कहा कि घटना में 10 हजार से अधिक लोगों के प्रभावित होने की आशंका है.

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, 10000 लोगों के प्रभावित होने की इस हादसे से जानकारी मिल रही है. इसमें वह लोग भी हैं जो लोग नदी के किनारे रह रहे थे. साथ ही वह मजदूर भी हैं जो डैम में काम कर रहे थे. आइटीबीपी उत्तराखंड पुलिस नेशनल डिजास्टर रिलीफ फोर्स और स्टेट डिजास्टर रिलीफ फोर्स की टीम मौके पर रवाना हो गई है.

घटनास्थल के लिए रवाना हुए सीएम
वहीं, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि चमोली के रिणी गांव में ऋषिगंगा प्रोजेक्ट को भारी बारिश व अचानक पानी आने से क्षति की संभावना है. नदी में अचानक पानी आने से अलकनंदा के निचले क्षेत्रों में भी बाढ़ की संभावना है. तटीय क्षेत्रों में लोगों को अलर्ट किया गया है. नदी किनारे बसे लोगों को हटाया जा रहा है. साथ ही एहतियातन भागीरथी नदी का फ्लो रोक दिया गया है. अलकनन्दा का पानी का बहाव रोका जा सके इसलिए श्रीनगर डैम तथा ऋषिकेष डैम को खाली करवा दिया है. SDRF अलर्ट पर है. मेरी आपसे विनती है अफवाहें न फैलाएं. मैं स्वयं घटनास्थल के लिए रवाना हो रहा हूं.

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