. कृषि कानूनों (Agriculture Laws) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बीच किसानों ने शनिवार को देश भर में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चक्का जाम की घोषणा की है. इस बीच, भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने ऐलान किया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में चक्का जाम नहीं होगा. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चक्का जाम का असर दिल्ली में भी नहीं होगा. हालांकि चक्का जाम के दौरान इमरजेंसी और आवश्यक सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, स्कूल बस आदि को नहीं रोका जाएगा.
हरियाणा पुलिस ने किसानों संगठनों द्वारा शनिवार को आहूत देशव्यापी ‘चक्का जाम’ के पहले सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है. पुलिस को जारी आधिकारिक पत्र के मुताबिक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को महत्वपूर्ण स्थानों पर निजी तौर पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की निगरानी करने जबकि जिला पुलिस प्रमुखों को पर्याप्त कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. बयान में चार फरवरी के पत्र के आलोक में कहा गया, ‘दिल्ली में 26 जनवरी की घटनाओं के मद्देनजर कुछ असामाजिक तत्वों और आक्रामक युवाओं द्वारा कानून-व्यवस्था की गड़बड़ी पैदा करने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.’
विज्ञप्ति में कहा गया, ‘छह फरवरी को विरोध कार्यक्रम के मद्देनजर प्रदर्शनकारी किसान महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य के राजमार्गों और अन्य सड़कों पर आवाजाही बाधित कर सकते हैं, इसलिए पुलिस को आवश्यक सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाता है. पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस प्रमुखों को भी किसान संगठनों के स्थानीय नेताओं के साथ बातचीत कर उनके कार्यक्रम का शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाने का प्रयास करने को कहा गया है.’
बहरहाल, हरियाणा के गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने किसानों से चक्का जाम नहीं करने की अपील की है. गुरुग्राम में इस मुद्दे पर संवाददाताओं द्वारा पूछे गए एक सवाल पर विज ने कहा, ‘दुनिया की बड़ी से बड़ी समस्या और अंतरराष्ट्रीय मुद्दे भी वार्ता के जरिए ही सुलझाए जाते हैं.’ उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ बातचीत के लिए हमेशा से तैयार है और प्रदर्शनकारी किसानों को बातचीत के लिए आगे आना चाहिए.
संयुक्त किसान मोर्चा ने चक्का जाम की घोषणा की
संयुक्त किसान मोर्चा ने 6 फरवरी के लिए चक्का जाम का कॉल दिया है. इस संबंध में कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम इस कार्यक्रम में जनता से सहयोग करने की अपील करते हैं.
1. देश भर में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक जाम किया जाएगा.
2. इमरजेंसी और आवश्यक सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, स्कूल बस आदि को नहीं रोका जाएगा.
3. चक्का जाम पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अहिंसक रहेगा. प्रदर्शनकारियों को निर्देश दिए जाते हैं कि वे इस कार्यक्रम के दौरान किसी भी अधिकारी, कर्मचारियों या आम नागरिकों के साथ किसी भी टकराव में शामिल न हो.
4. दिल्ली NCR में कोई चक्का जाम प्रोग्राम नहीं होगा क्योंकि सभी विरोध स्थल पहले से ही चक्का जाम मोड में हैं. दिल्ली में प्रवेश करने के लिए सभी सड़कें खुली रहेंगी, सिवाय उनके, जहां पहले से ही किसानों के पक्के मोर्चे लगे हुए है.
5. 3 बजे 1 मिनट तक हॉर्न बजाकर, किसानों की एकता का संकेत देते हुए, चक्का जाम कार्यक्रम संपन्न होगा. हम जनता से भी अपील करते हैं कि वे अन्न दाता के साथ अपना समर्थन और एकजुटता व्यक्त करने के लिए इस कार्यक्रम में शामिल हों.




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