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ऐसा बजट मानो मोदी सरकार ने किसानों के लिए खजाना खोला

अमिताभ सिन्हा

मोदी सरकार के बजट में किसानों के लिए बड़े फैसले लिए गए हैं. वित्‍त मंत्री ने जब बजट पेश किया तो यह साफ हो गया कि सरकार ने किसानों के हित में आवंटन किस हद तक बढ़ा लिया है. वहीं किसानों के हित में सूक्ष्‍म सिंचाई परियोजनाओं के लिए आवंटन हो या फिर इसके तहत आने वाली Per Drop More Crop जैसी योजनाएं अपनाने के लिए मिलने वाले लोन पर सब्सिडी, मोदी सरकार ने मानो अपना खजाना ही किसानों के लिए खोल दिया. तभी तो बजट 2021 पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बजट में आत्मा किसान की है.

छोटे और मझोले किसानों के लिए मोदी सरकार के ताजा बजट में सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं को खासी प्राथमिकता मिली है. सूक्ष्म सिंचाई फंड के तहत इन छोटे और मझोले किसानों के लिए 5000 करोड़ रुपये रखे गए थे जिसे वित्त मंत्री ने दोगुना कर दिया है. मोदी सरकार के दौरान 2015-16 में कृषि मंत्रालय ने देश के सभी राज्यों में Per Drop More Crop नाम से एक योजना शुरू की थी जिसे पीएम कृषि सिंचाई योजना का हिस्सा बनाया गया. इसका उद्देश्य है खेतों में पानी का सही उपयोग करना जिसे सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं के नाम से केंद्र सरकार चिह्नित करती है. इसमें ड्रिप सिंचाई और स्प्रींकलर सिंचाई का तरीका इस्तेमाल किया जाता है.

2015 में योजना के शुरू होने के बाद अब तक सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं के तहत पूरे देश में 52.93 लाख हेक्‍टेयर क्षेत्र लाया जा चुका है. ऐसे ही छोटे स्तर पर पानी जमा रखने के लिए 4.84 लाख जलाशयों का निर्माण हो चुका है. कृषि मंत्रालय के एक सर्वे के मुताबिक सूक्ष्म सिंचाई योजनाएं पानी के सही उपयोग, कृषि उत्पाद बढ़ाने, किसानों की आमदनी बढ़ाने और रोजगार बढ़ाने जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को पूरा करने में मदद कर रही हैं. मोदी सरकार पूरी कोशिश में लगी है कि Per Drop More Crop योजना, अटल भूजल योजना ( ABHY), नमामी गंगे जिले, पीएम किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्तम महाभियान (PM-KUSUM) के जरिए खेती में पानी के सही इस्तेमाल का लक्ष्य पूरा कर सके.

इन सभी योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए 2018-19 सूक्ष्म सिंचाई फंड बनाया गया था, जिसके तहत नाबार्ड में 5000 करोड़ रुपयों की धनराशि भी रखी गयी थी. इसका सबसे बड़ा उद्देश्य खेती में लगे किसानों को अतिरिक्त इंसेंटिव देना है, जिससे किसान इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते हुए सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं को अपनाएं. सूक्ष्म सिंचाई फंड के तहत पानी का भारी मात्रा में इस्तेमाल करने वाली गन्ने की खेती और सौर ऊर्जा से जुड़े तमाम सिस्टम को भी मदद मिलेगी. नाबार्ड से मिलने वाले लोन पर केंद्र सरकार 3 फीसदी की छूट देगी.


सूक्ष्म सिंचाई फंड के तहत आंध्र प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, बंगाल, पंजाब और उत्तराखंड को लोन के लिए 3970.17 करोड़ आवंटित किए गए हैं और इन राज्यों में 12.83 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को इसके तहत लाने का लक्ष्य भी रखा गया है. राजस्थान, जम्मू कश्मीर, बंगाल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु से भी कई प्रस्ताव हैं. बजट 2021 में 5000 करोड़ रुपये के इस फंड मे 5000 करोड़ रुपये जोड़ कर पीएम मोदी सरकार ने देश के किसानों को साफ कर दिया है कि सिर्फ उनकी आमदनी दोगुनी करना नहीं बल्कि उनकी खेती को आसान बनाना भी उनकी प्राथमिकता है.

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