उच्च र’क्तचाप को लेकर मेंटर्स का हुआ प्रशिक्षण
- एकदिवसीय प्रशिक्षण का सिविल सर्जन ने किया उद्घाटन
- सभी प्रखंडों के दो मेंटर्स को दिया गया प्रशिक्षण
वैशाली, 7 जनवरी|
उच्च रक्तचाप की जल्द पहचान, बीपी मापने व रीडिंग का अर्थ समझाने के उद्येश्य से सदर अस्पताल में गुरुवार को मेंटर नर्स का एकदिवसीय डीएमटी प्रशिक्षण कराया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के 16 प्रखंडों से दो मेंटर्स को बुलाया गया था। अमानत ज्योति कार्यक्रम के तहत मिल रहे इस प्रशिक्षण का विधिवत उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ इंद्रदेव रंजन ने किया| इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण से मेंटर्स उच्च रक्तचाप परिभाषित करने, उच्च रक्तचाप के जोखिम कारक को सूचीबद्ध करने, बीपी मापने की प्रक्रिया तथा आउटरीच में उच्च रक्तचाप के मरीज की पहचान करने में सक्षम होंगी । इस प्रशिक्षण का आयोजन केयर की डीटीओ ऑन कृतिका दूबे और नाइमा की देख -रेख में किया गया।
प्रशिक्षण के बाद मेंटर्स अपने प्रखंड में जाकर आउटरीच में अन्य एएनएम को प्रशिक्षण देंगी-
प्रशिक्षण के संबंध में डीटीओ ऑन कृतिका दूबे ने बताया कि इस प्रशिक्षण के बाद मेंटर्स अपने प्रखंड में जाकर आउटरीच में अन्य एएनएम को प्रशिक्षण देंगी । प्रशिक्षण से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और आरोग्य दिवस सत्रों पर उच्च रक्तचाप के मरीजों की पहचान आसान हो जाएगी। वहीं गर्भवतियों में एक्लेम्सिया और प्री एकलेम्सिया को पहचानने में भी आसानी होगी।
विभिन्न चरणों में हुआ प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के क्रम में मेंटर्स बहुत सारे चरणों में प्रशिक्षित हुईं । सबसे पहले मेंटर्स के ज्ञान और कौशल का स्किल टेस्ट लिया गया। उसके बाद विषय की जानकारी दी गयी। रक्तचाप लेने की विधि बतलाया गया। फिर पूरे दिन के प्रशिक्षण का सारांश बताया गया। सभी मेंटर्स से मॉक ड्रिल भी कराया गया। जिसमें उन्होंने एक दूसरे का रक्तचाप भी लिया।
नियमित व्यायाम से हाइपरटेंशन से बचा जा सकता है :
प्रशिक्षण शिविर में सबसे पहले कृतिका ने हाइपरटेंशन (उक्त रक्तचाप) के संबंध में मेंटर्स को जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि ख़राब जीवनशैली के कारण धीरे-धीरे किशोर एवं युवक भी इस गंभीर समस्या से पीड़ित हो रहे हैं। आहार में फ़ास्टफ़ूड की जगह फलों का सेवन, सुबह जल्दी उठना एवं रात में जल्दी सोना, अवसाद एवं तनाव से बचना एवं नियमित व्यायाम से इस रोग से बचा जा सकता है। अधिकतर हाइपरटेंशन के रोगियों को मालूम भी नहीं रहता कि वह इससे ग्रसित हैं तथा इसके लक्षणों को नजरंदाज करते हैं। इसे अनदेखा करने वाले मरीजों को गंभीर बीमारियों जैसे हृदयघात, मस्तिष्कघात, लकवा, हृदयरोग, किडनी का काम करना बंद हो जाना जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

जिले में उच्च रक्तचाप की स्थिति
जिले में वैसी महिलाएं जिनका रक्तचाप थोड़ा ज्यादा है का प्रतिशत 4.5 है। मध्यम रक्तचाप की महिलाओं का प्रतिशत 0.6 तथा इससे अधिक का प्रतिशत 0.1 है।
वहीं पुरुषों में हल्के रक्तचाप के रोगियों का प्रतिशत 7.9 है। मौके पर सिविल सर्जन डॉ इंद्रदेवर रंजन, एसीएमओ डॉ ज्ञान शंकर, डॉ आरके साहू, केयर डीटीएल सुमित कुमार, डीटीओ फैसिलीटी डॉ एनी जूलिएट समेत अन्य लोग मौजूद थे।






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