दिल्ली. ब्रिटेन (Britain) में मिले कोरोना (Corona) के नए स्ट्रेन (new strain) ने एक बार फिर दुनियाभर में ड’र का माहौल पैदा कर दिया है. दुनियाभर के देशों को कोरोना के नए स्ट्रेन का ख’तरा महसूस हो रहा है, यही कारण है कि ज्यादातर देशों ने यूरोपियन देशों (European countries) की विमान सेवाओं पर एक बार फिर रोक लगा दी है. बता दें कि यूरोपियन देशों के कई यात्री अलग-अलग देशों की यात्रा कर चुके हैं और उनमें कोरोना के नए स्ट्रेन के लक्षण भी मिले हैं. कोरोना के नए स्ट्रेन को लेकर भारत में सतर्कता बरती जा रही है.
कोरोना के नए खतरे से बचने के लिए भारत में भी हर संभावित उपाय किए जा रहे हैं. सरकार द्वारा गठित राष्ट्रीय टास्क फोर्स (NTF) ने कहा है कि ब्रिटेन में उभर रहे म्यूटेशन को देखते हुए मौजूदा उपचार प्रोटोकॉल को बदलने की कोई आवश्यकता नहीं है. एनटीएफ की ओर से जो जानकारी दी गई उसके मुताबिक कोरोना वायरस से निपटने के लिए हमने अभी तक जिस तरह के सुरक्षा उपायों का पालन किया है उसे ही आगे भी जारी रखना होगा.
कोरोना के नए खतरों को लेकर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा बुलाई गई बैठक में नीति आयोग के सदस्य डॉ विनोद पॉल और आईसीएमआर के महासचिव डॉ बलराम भार्गव भी मौजूद रहे. बैठक में बताया गया कि ब्रिटेन में मिला कोरोना का नया स्ट्रेन पहले से ज्यादा खतरनाक है और ज्यादा लोगों को संक्रमित कर सकता है. बताया गया कि इससे संक्रमित हुए लोगों की पहचान करना भी आसान नहीं है.
मास्क पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग का जरूर पालन करें
एनटीएफ ने कहा कोरोना के नए स्ट्रेन को लेकर हमने जिस तरह की जांच की है उसके मुताबिक इससे बचने के लिए उपचार प्रोटोकॉल में किसी भी तरह के बदलाव की कोई आवश्यकता नहीं है. बताया गया है कि अगर हम सभी मास्क का इस्तेमाल करेंगे. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे और समय समय पर हाथ धुलेंगे तो कोरोना के नए स्ट्रेन से भी बचा जा सकेगा.






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