मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के लोगों में कोई दम नहीं है। उनके पास न काम का अनुभव है और न ही काम करने में उनकी दिलचस्पी है। 15 साल तक उन्हें मौका मिला तो पति-पत्नी की सरकार ने राज्य के विकास के लिए कुछ नहीं किया। बेटा-बेटी ही उनका परिवार है। वहीं हमारा परिवार पूरा बिहार है। जबसे लोगों ने काम करने का मौका दिया है, हम सेवा कर रहे हैं। आगे भी काम करते रहेंगे।
मुख्यमंत्री सोमवार को पार्टी प्रदेश कार्यालय से 11 विधानसभा क्षेत्रों की वर्चुअल रैली को संबोधित कर रहे थे। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव का नाम लिये बगैर उनपर हमला बोला और कहा कि आजकल वे बेरोजगारी पर प्रवचन दे रहे हैं। कहते हैं कि पहली कैबिनेट में नौकरी देंगे। उनलोगों की सरकार थी तो कैबिनेट की बैठक तक नहीं होती थी। कैबिनेट की प्रत्याशा में निर्णय ले लिये जाते थे। हमलोग सत्ता में आए तो उनके कई निर्णयों पर मुहर लगाई। उनलोगों ने 15 साल में सिर्फ 95734 नौकरियां दी। वह भी तब जब वर्ष 1990 से 2000 तक झारखंड भी बिहार का हिस्सा था। वहीं हमलोगों ने पिछले 15 साल में छह लाख आठ हजार 893 लोगों को सरकारी नौकरियां दीं। 65 हजार पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। आगे भी सभी रिक्त पदों को भरा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विपक्ष समाज को बांटने की कोशिश कर रहा है। समाज में भ्रम फैला रहा है। झगड़े से विकास का काम प्रभावित होता है। इसलिए सभी लोग सचेत और सतर्क रहें। समाज में प्रेम और भाईचारा बनाए रखें।

एनडीए के तहत सात निश्चय-2 में और भी चीजें जुड़ेंगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगली बार आएंगे तो सात निश्चय -2 पर काम करेंगे। इसके लिए एक-एक चीज तय कर दिये गए हैं। इसके अलावा एनडीए के तहत और भी चीजों को इसमें जोड़ा जाएगा, जिसपर आगे काम होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 83 प्रतिशत घरों में नल-जल योजना पूरी कर ली गई है। शेष घरों में शीघ्र ही नल-जल पहुंचा दिया जाएगा। हमलोगों ने जो काम किया है, वही धीरे-धीरे दूर तक गया है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण के लिए किये जा रहे काम की प्रशंसा संयुक्त राष्ट्रसंघ ने भी की और अपने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हमें आमंत्रित किया। यहीं के चंद लोग हैं, जिन्हें यहां का काम नहीं दिखता है। अनाप-शनाप बोलते रहते हैं।
हर गांव को सड़क से जोड़ा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर गांव को सड़क से जोड़ा गया है। अब गावों को जोड़ते हुए मुख्य सड़क तक जाने के लिए स्थानीय सड़कों को आपस में जोड़ने पर काम होगा। उद्यमी योजना के तहत आगे सभी वर्ग की महिलाओं को उद्योग लगाने के लिए दस लाख तक की मदद देंगे। इसमें पांच लाख राज्य सरकार की ओर से अनुदान होगा और पांच लाख ब्याजरहित लोन के रूप में दिए जाएंगे। इंटर उत्तीर्ण लड़कियों को 25 हजार और स्नातक पास करने पर 50 हजार दिए जाएंगे। हर गांव में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाएंगे।

उम्मीदवारों से कहा- मेहनत करें
मुख्यमंत्री ने अपने उम्मीदवारों से कहा कि क्षेत्र में मेहनत करें। लोगों को सरकार के काम बताएं। खासकर युवा पीढ़ी को बताएं कि 15 साल पहले बिहार की स्थिति क्या थी? आज बिहार ने कितना विकास किया है। लोगों से अपील भी की है कि मास्क पहन कर ही वोट देने जाएं। महिलाओं से आग्रह है कि सबसे पहले वे जाकर वोट करें। महिलाओं के कहने पर ही हमने शराबबंदी लागू की है। इसका काफी फायदा समाज को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में पुलिस में जितनी महिलाएं हैं, उतना अन्य किसी राज्य में नहीं हैं। हमने महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया है। विश्व बैंक से कर्ज लेकर जीविका की योजना हमने चलाई, जिसमें दस लाख समूह के तहत एक करोड़ 20 लाख महिलाएं इससे जुड़ी हैं। इस योजना से महिलाओं का विकास हुआ और उनमें आत्मविश्वास जगा है। उन्होंने कहा कि इस साल 19 जिलों में बाढ़ आई, जिससे 92.63 लाख लोग प्रभावित हुए। 21.86 लाख परिवारों के खाते में छह-छह हजार की राशि भेजी गई, जो 1312 करोड़ है। आपदा के तहत राहत कार्य के लिए हर काम तय कर दिये गये हैं। पहले की सरकार में आपदा प्रबंधन पर कोई काम नहीं होता था। नवंबर तक प्रभावित लोगों की सूची ही बनती रहती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुखद घटना हुई, जिसमें पिछड़ा वर्ग, अतिपिछड़ा वर्ग के मंत्री विनोद सिंह का निधन हो गया है। इससे मुझे काफी पीड़ा है। आज का कार्यक्रम पहले से तय था, जिसे स्थगित नहीं किया जा सकता था।



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