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मुजफ्फरपुर: जिले के अधिकांश कंटेनमेंट जोन भगवान भरोसे, ध’ड़ल्ले से खुलतीं दुकानें और आवागमन भी चालू…

जिले के अधिकांश कंटेनमेंट जोन भगवान भरोसे हैं। वाहनों के आवगमन को छोड़ दे तो इलाके में कोई प्र’तिबंध नहीं दिखता है। लोग बेरोकटोक आ-जा रहे हैं। किसी को प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर या अंदर आने-जाने में कोई क’ठिनाई नहीं हो रही है। कंटेनमेंट जोन के अंदर रहने वाले लोग आसानी से बाहर जाकर अपना काम निपटा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि प्रशासन से उन्हें उचित सुविधा नहीं दी जा रही है। प्रतिदिन इस्तेमाल होने वाले सामान यदि प्रशासन उपलब्ध करा दे तो वे बाहर क्यों जाएंगे। उन्हें मजबूरन बाहर कंटेनमेंट जोन से बाहर जाना पड़ता है।

जिले 64 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। ‘हिन्दुस्तान की टीम ने शनिवार को शहर के कंटेनमेंट जोन की पड़ताल की तो हकीकत चौंकाने वाली थी। कंटेनमेंट जोन में तैनात दं’डाधिकारी व पुलिस किसी के आने-जाने पर पा’बंदी नहीं लगा रहे हैं। लक्ष्मी चौक- ब्रह्मपुरा थाना, सदर अस्पताल रोड, सरैयागंज टावर और सदर थाना क्षेत्र में बने कंटेनमेंट जोन की स्थित बिल्कुल एक जैसी दिखी। कुछ कंटेमेंट जोन में सिपाही व दं’डाधिकारी तैनात रहे, जबकि अधिकांश कंटेनमेंट जोन में प्रशासनिक अधिकारी का कोई अता-पता नहीं था।

सिर्फ आवश्यक आवाजाही के लिए थी छूट

कंटेनमेंट जोन बनाते समय प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कहा जाता है कि संक्रमण की आशंका को देखते हुए इन इलाकों में आम आवजाही को बंद किया गया है। सिर्फ अनिवार्य सेवा ही चलेगी, लेकिन शनिवार को कंटेनमेंट जोन में इसके उलट आम आवजाही धड़ल्ले से होती रही।

कंटेनमेंट जोन में नहीं दिखता डॉक्टरों की टीम

लक्ष्मी चौक के कंटेनमेंट जोन में दुकानें खुली हुई थीं। दुकान पर मौजूद लोगों का कहना था कि इलाके को कंटेनमेंट जोन बनने के बाद से डॉक्टरों की टीम इलाके में कभी नहीं दिखी है। बुलाने पर स्वास्थ्यकर्मी इलाके में नहीं आते हैं। कुछ इसी तरह सदर अस्पताल रोड के लोगों का भी कहना है। उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल बगल में है, लेकिन डॉक्टर कभी भी इस इलाके में पॉजिटिव मरीज का हालचाल लेने नहीं पहुंचे हैं।

एक दिन आये थे सैंपल लेने

कंटेनमेंट जोन के लोगों ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों की टीम प्रतिबंधित क्षेत्र बनने के समय ही आये थे। इसमें कुछ लोगों के सैंपल एकत्र कर ले गए। इसके बाद दोबारा कभी सैंपल लेने नहीं आए।

पुलिस की तैनाती एक साथ जिले में विभिन्न स्थानों पर की गई है। इस कारण कंटेनमेंट जोन को गश्ती दल से टैग कर दिया गया है। लोगों को जरूरत है कि खुद जागरूक रहकर कंटेनमेंट जोन के नियमों का पालन करें। कंटेनमेंट जोन के लोग अनिवार्य सेवा के अलावा घरों से नहीं निकलें।

-कुंदन कुमार, एसडीओ पूर्वी

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