हनुमान मंदिर में अब चरणामृत मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कंटेनर के आगे हाथ बढ़ाने पर आपके हाथ में सुगंधित चरणामृत आ गिरेगा। महावीर मंदिर ने कोविड 19 को लेकर मंदिर में कई व्यवस्थाएं की हैं, जिसकी यह अगली कड़ी है। कोरोना काल में संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए मंदिर ने यह व्यवस्था लागू की है। भक्तों को हाथ से हाथ चरणामृत ना लेना पड़े इसलिए ऑटो सेंसर के प्रयोग से इन दिनों चरणामृत दिया जा रहा है।
पांच सामग्री से बने चरणामृत की व्यवस्था
मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति के आसपास 2 कंटेनर लगाए गये हैं, जिससे लोग चरणामृत ग्रहण कर रहे हैं। महावीर मंदिर के प्रकाशन प्रमुख पंडित भवनाथ झा ने बताया कि मंदिर ने कोरोना काल में संक्रमण से बचाव के लिये यह व्यवस्था की है। पहले मंदिर के पुजारी चरणामृत भक्तों को देते थे। अब इसके लिए ऑटो सेंसर युक्त कंटेनर की व्यवस्था की गई है। यहां 10 लीटर के दो कंटेनर रखे गए हैं। चरणामृत लौंग, इलाइची, जायफल, तुलसी पत्ते का रस और कर्पूर के प्रयोग से तैयार किया जा रहा है।

ऑटो सेंसर मशीन से चरणामृत
कोरोना काल में मंदिर ने संक्रमण से बचने के लिए पहले भी कई कवायदें कर चुका है। पहले हाथों में प्रसाद भी बांटा जाता था लेकिन अब फूलमाला चढ़ाने पर बैन लगा दिया गया है। इसके अलावा प्रसाद का डिब्बा भी अब नहीं खोला जा रहा है।



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