नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख (Ladakh) के गलवान घाटी (Galwan Valley) में सोमवार रात चीनी सैनिकों के साथ हिं’सक झ’ड़प में भारतीय सेना के एक कर्नल सहित 20 सैनिक शहीद हो गए. पिछले पांच दशक से भी ज्यादा समय में सबसे बड़े सैन्य ट’कराव के कारण क्षेत्र में सीमा पर पहले से जारी गतिरो’ध और भड़’क गया है. इस घ’टना के बाद LAC पर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. लिहाजा सेना, नौसेना और वायुसेना को हाइएस्ट अलर्ट पर रखा गया है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने तीनों सेनाओं को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है.
CNN-News18 को सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक, लोकल कमांडर को फ्री हैंड कर दिया गया है, ताकि मौजूदा हालात को देखते हुए वो तत्काल एक्शन ले सके. सूत्रों का ये भी कहना है कि अब ITBP को आर्मी कंट्रोल में दिया जा सकता है. उधर, उत्तराखंड के जोशीमठ में सेना का मूवमेंट बढ़ गया है, सीमा पर ITBP की और टुकड़ियां भेजी गईं हैं.
न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस घ’टना में चीन का भी एक कमांडिंग अफसर मारा गया है, जो कि झड़प की अगुवाई कर रहा था. बॉर्डर के पास हुए’ तनाव के बाद बड़ी संख्या में एम्बुलेंस, स्ट्रेचर पर घा’यल और मृ’त चीनी सैनिकों को ले जाया गया. बताया जा रहा है कि चीन के करीब 40 से अधिक सैनिक ह’ताहत हुए हैं. हालांकि, चीन ने अभी तक कोई स्टेटमेंट नहीं जारी किया है.
झ’ड़प के करीब 36 घंटे बाद पहली बार भारत की तरफ से बयान जारी हुआ. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेना प्रमुखों और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के साथ मीटिंग की. रक्षा मंत्री ने उसके बाद कहा, ‘गलवान में सैनिकों ने अदम्य साहस दिखाया. देश उनकी शहादत को कभी नहीं भूलेगा.शहीदों के परिवार के साथ पूरा देश खड़ा है.’

फिलहाल, भारत और चीन के बीच सैन्य स्तर की बातचीत को रोक दिया गया है. रक्षा मंत्री ने नियंत्रण रेखा पर हालात की समीक्षा की है. साथ सेना का एलएसी पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए है. सूत्रों के मुताबिक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मौजूदा स्थिति पर भी विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी बात की है.



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