PALAMU: पलामू में कोरोना के अफवाह ने एक महीला की जान ले ली.कोरोना माई की पूजा करने के दौरान महिला की मौ’त हो गई.दरअसल यह पूरा मामला अंधविश्वास से जुड़ा हुआ है.घ’टना पलामू जिले के पांडू की है.जानकारी के अनुसार रविवार को सिलदिली के टोला सिकनी में वैश्विक महामा’री कोरोना वायरस के सं’क्रमण से बचने के लिए 20 से 25 महिलाओं ने कोरोना माई का व्रत रखा था. वशिष्ठ पासवान की पत्नी वैजयंती देवी भी व्रत पर थी.
दिनभर की उपवास के बाद शाम को अचानक वैजयंती की तबी’यत बि’गड़ गयी. परिजनों ने बताया उसका बीपी कम हो गया था और लकवा के भी लक्षण दिखने लगे थे. पेट में द’र्द की भी शि’कायत था. स्थिति गं’भीर होते देख परिजन उसे इलाज के लिए मेदिनीनगर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में रतनाग गांव के पास वैजयंती की मौ’त हो गयी.घ’टना रविवार रात करीब 9 बजे की है.
मिली जानकारी के मुताबिक गांव में अफवाह फैल गयी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए कोरोना माई का व्रत रखना जरूरी है और जो महिलाएं व्रत रखेंगी, उनके खाते में पैसे भेजे जाएंगे. इसी को लेकर सिकनी गांव की 20 से 25 महिलाओं ने व्रत रखा था. लेकिन इस उपवास ने वैजयंती देवी की जान ले ली.

गौरतलब है कि कोरोना वायरस को भगाने के लिए लोग अपने-अपने स्तर से काम कर रहे हैं.बहुत सारे लोगों में यह अंधविश्वास फैल गया है कि कोरोना एक माई है मतलब कोई भगवान जो गुस्सा हो गई हैं और उनके गुस्से का प्रकोप हम सब झेल रहे हैं.अगर उनकी पूजा की जाएगी तो उनका गुस्सा शांत हो जाएगा.इसलिए कई सारे गांव में कोरोना वायरस को भगवान की तरह पूजा जा रहा है.
खबर दिखाने का मकसद
कोरोना वायरस एक महामारी है.यह कोई भगवान का प्रकोप नहीं है इसलिए लोगों से अपील है कि आप सब इन तरह के अंधविश्वासों में न फँसे.कोरोना वायरस का संक्रमण एक दूसरे के संपर्क में आने से फैलता है.इसलिए जो गाइडलाईन है उसका पालन करें.




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