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MUNGER: 30 दिवसीय विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला शुरु होने में मात्र 30 दिन शेष…

30 दिवसीय विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला शुरु होने में मात्र 30 दिन शेष।

 -सरकारी कार्य अबतक शुरू नही

-5 जुलाई से है सावन।

-विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला में कोरोना का संकट तो नही।

-देश विदेश के शिव भक्त एक ही भेष में एक नारे लगाते है बोलबंम।

30 दिनों तक चलने वाला विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेंला शुरु होने में महज 30 दिन ही शेष रह गये है।कही इस बार श्रावणी मेला में कोरोना संक्रमण का संकट तो नही यही भावना स्थानीय दुकानदारों में  दुकान बनाने को लेकर असमंजस में है।दुकानदार रामपुर नहर के दुकानदार सदानंद सिंह, खैरा के गुलाब साह ,गोविन्दपुर के मनोहर साह,बबलू साह,कुमरसार के सुभाष साह,संजीव साह,दिवाकर यादव आदि कहते है कि इस कोरोना वायरस महामारी संक्रमण को लेकर अबतक दुकान बनाना शुरू नही किए है।नही तो हम लोग एक महिना पहले से ही दुकान बनाने का कार्य शुरू कर देते थे।

क्योकि मेला शुरु होने के 15 दिन पुर्व से ही बंगली बोलबंम बंंगाली  पंचांग के अनुसार पश्चिम बंगाल के शिव भक्त चलना शुरु कर देते है।क्योंकि पश्चिम बंगाल के शिव भक्त उसे गृष्म नवरात्रि मानते है।और सावन शुरु होने से पहले ही पश्चिम बंगाल के शिव भक्त पुजा करते है।और इसे शुभ मानते है।दुकानदारों ने कहा कि हम लोग इस लिए पहले से दुकान बनाना शुुुरू कर देेेते थे।लेेेकिन इस बार अबतक असमंजस में है।की इस बारश्रावणी मेला होगा की नही इस कारण से दुुुकान बनाना शुुुुरू नही किए है।

विदित हो कि यह मेला विश्व प्रसिद्ध मेला इसलिए कहा गया है कि सावन माह में  देश विदेश के शिव भक्त पुजा अर्चना करते है । शिव भक्त कांधे पे कांवर लिए  बिहार के उत्तर वाहिनी गंगा सुलतानगंज से झारखंड के देवघर रावनेश्वरनाथ महादेव तक  105 किलोमीटर की नंगे पैर पांव पैदल तीर्थ यात्रा कर रावनेश्वर महादेव की पुजा अर्चना करते है।श्रावण मास का यह महिना 30 दिनों  तक चलने वाला बड़ा ही पावन महिना होता है।

मुंगेर जिला अंतर्गत कमराय से कुमरसार धर्मशाला तक 26 किलोमीटर पड़ता है जिसमें संग्रामपुर प्रखंड 13 किलोमीटर कच्ची कावंरिया पथ लोढ़िया से कुमरसार तक है।विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला में एक माह पुर्व से ही धर्मशाला का रंग रोगन ,शौचालय निर्माण एवं साफ सफाई, सड़क के दोनों और झारियां का सफाई, कच्ची कावंरिया पर बालू का छिड़काव, बिजली की व्यवस्था, पानी आदि से लेकर 30 दिन तक चलने वाला सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन होता है।इस संदर्भ में अनुमंडल पदाधिकारी उपेन्द्र प्रसाद सिंह कहते है कि श्रावणी मेला को लेकर किसी प्रकार का सरकारी आदेश प्राप्त नही हुआ है।किसी प्रकार का आदेश मिलते ही श्रावणी मेला की तैयारी में लग जायेंगे ।   

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