आजादी के 70 से भी अधिक साल हो गए लेकिन मुजफ्फरपुर का एक ऐसा भी इलाका है जो आज भी विकास से जूझ रहा है।हम बात अपने मुजफ्फरपुर जिले में बागमती नदी किनारे बसे औराई प्रखंड क्षेत्र की कर रहे हैं जहां आज भी लोग चचरी पुल के सहारे आवागमन करते हैं क्षेत्र के कई इलाकों में चचरी पुल ही आवागमन का इकलौता साधन है।हर वर्ष बागमती के जलस्तर में वृद्धि होते हैं कई गांव का संपर्क जिला को प्रखंड मुख्यालय से टूट जाता है क्योंकि जलस्तर में वृद्धि के साथ ही चचरी पुल भी बह जाता है।वहीं इन दिनों चचरी पुल एक बार फिर से चर्चा में आया है, चर्चा का कारण बना है मुजफ्फरपुर सांसद अजय निषाद का एक पत्र जिसमें उन्होंने औराई प्रखंड में बभनगामा घाट पर पुल निर्माण के लिए लोकसभा में प्रस्ताव रखा था।

बरहाल उक्त सड़क एनएचएआई के अधीन ना होने के कारण केंद्र सरकार ने इसके निर्माण में असमर्थता जताई है जिसके बाद सांसद ने ऐलान किया है कि वह उक्त पुल के निर्माण के लिए बिहार सरकार से मांग करेंगे।खैर बिहार सरकार पुल निर्माण पर जो भी फैसला करें लेकिन आजादी के इतने सालों बाद पुल निर्माण की खबर सुनकर स्थानीय लोगों में कहीं ना कहीं उम्मीद की एक किरण नजर आई है।
Input: the Bihar News



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