कोरोना ने लोगों की जिंदगी को ज’हन्नुम बना दिया है. लगातार काल बनकर कोरोना अपना कहर बरपा रहा है. आए दिन कई ऐसी तस्वीरें सामने आयी जो लोगों के दिल और दिमाग को पूरी तरह से झ’कझोर कर रखा दिया. चाहे वो दरभंगा की ज्योति की दिल्ली टू दरंभगा साइकिल से यात्रा करने की तस्वीर हो या फिर तेजस्वी के ट्वीट हैंडल पर लगे उस मजदूर की तस्वीर, जिसके बेटे को कोरोना ने लॉकडाउन के दौरान छिन लिया. इन तस्वीरों ने लोगों के दिलों और दिमाग पर एक अमिट छाप छोड़ने का काम किया है.
ऐसी ही एक तस्वीर मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन से सामने आयी है. जहां एक प्रवासी मजदूर महिला का श’व पड़ा है. श’व के पास उसका नन्हा बच्चा खेल रहा है. और बार बार अपनी मां के आंचल को उठाने को काम कर रहा है. लेकिन मां है की उठती नहीं . इस बच्चे को क्या मालूम की अब इसकी मां इस दुनिया में नहीं रही. वो कोरोना काल के गाल में समा गयी है.

श’व के पास खड़े नन्हे बच्चे की अठखेलियां सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. बच्चे की यह तस्वीर बेहद ही भावुकता से भरा हुआ है. जो बार बार इस कोशिश में है कि उसकी मां नींद से जल्दी जग जाए और उससे प्यार करे. लेकिन मां है की जग नहीं रही थी. बच्चा अपनी मां को सोया देख जगाने की हरसंभव कोशिश करता दिखता है. बार बार उस चादर को उठाने का बच्चा प्रयास करता रहा जो महिला के शरीर पर पड़ा था.



Leave a Reply