मूज़फ्फरपुर में लगातार भेड़ बकरी की तरह ट्रक पर सवार हो कर प्रवासी अन्य राज्यो से आ रहे है।एक ट्रक पर 90 से 100 की संख्या में प्रवासी मजदूर बिना सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए औऱ बिना मास्क के आने को बेबश हैे। वही वैश्विक महामा’री कोरोना की वजह से बाहर फंसे प्रवासियों की बेबसी का ट्रक चालक भी फायदा उठा रहे हैं। उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के बदले मनमाना भाड़ा वसूल रहे। कमाई के चक्कर में ट्रकों में इस तरह इंसानों को भेड़-बकरी की तरह भरा जा रहा है, जैसे कोरोना का डर ही खत्म हो गया है।इस लाचार व्यबस्था को कोई देखने वाला नहीं। दिल्ली,हरियाणा,राजस्थान ,उड़ीसा महाराष्ट्र,मध्यप्रदेश,से लगातार प्रवासी आ रहे है। ट्रक पर सवार प्रवासी ने बताया कि इन लोगों में कोई राजमिस्त्री का तो कोई पलदारी का काम करता है। लॉक डाउन की वजह से 22 मार्च से काम धंधा बंद है। खाने का भी इंतजाम नहीं हो रहा। अबतक किसी तरह से गुजर बसर किया। घर तक पहुंचने के लिए वाहन वाले को देने के लिए भाड़ा भी नहीं था। फोन कर सभी ने अपने-अपने परिजनों से चार-चार हजार रुपये मंगवाएं। तब जाकर वाहन वाले का भुगतान किया और वह चलने को राजी हुआ।
इस तरह से प्रवासियों के पलायन से कोरोना संक्रमण को तेजी से बढ़ने से कोई नही रोक सकता। यह सरकार के लिए बहुत बड़ी चुनोती है।




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