मुजफ्फरपुर: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर राष्ट्रगान “जन गण मन” के अपमान का आरोप लगाते हुए महागठबंधन ने शनिवार को विरोध मार्च निकाला और उनका पुतला दहन किया। इस विरोध प्रदर्शन में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) समेत महागठबंधन के सभी घटक दलों के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

इससे पहले, राजद के पूर्व जिला अध्यक्ष और पारू के पूर्व विधायक मिथलेश यादव की श्रद्धांजलि सभा जिला राजद कार्यालय में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रमेश गुप्ता ने की। इसमें विधायक, पूर्व विधायक और विभिन्न प्रकोष्ठों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।

श्रद्धांजलि सभा के बाद, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ आक्रोश मार्च निकाला गया, जो जिला राजद कार्यालय से शुरू होकर सरैयागंज टावर तक पहुंचा। वहां पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने “राष्ट्रगान का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” के नारे लगाते हुए मुख्यमंत्री का पुतला जलाया।

राजद की सरकार से मांग
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष रमेश गुप्ता ने कहा, राष्ट्रगान हमारी राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है और इसके अपमान को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही है। हम राज्यपाल से मांग करते हैं कि अनुच्छेद 173 के तहत उन्हें संवैधानिक पद से हटाया जाए। अगर विपक्ष की सरकार होती, तो अब तक राष्ट्रपति शासन लग गया होता।”

महागठबंधन का एलान – आंदोलन जारी रहेगा
महागठबंधन नेताओं ने साफ कहा कि जब तक नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाया नहीं जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस विरोध प्रदर्शन में महागठबंधन के कई प्रमुख नेता शामिल रहे, जिनमें राजद विधायक निरंजन राय, अमर पासवान, पूर्व मंत्री ईसरायल मंसूरी, नगर विधायक बिजेंद्र चौधरी, सीपीआई (एम) के अब्दुल गफ्फार, भीआईपी के महावीर सहनी, भाकपा माले के सुरज सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे।
राजनीतिक गलियारों में इस विरोध प्रदर्शन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, जबकि मुख्यमंत्री की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।




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