देश के दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को उत्तराखंड सरकार ने आज शुक्रवार से भेजना शुरू कर दिया है। इसके लिए गढ़वाल व कुमाऊं मंडल से विशेष बसें संचालित की जा रही है। सरकार की ओर से शेल्टर होम और क्वारेंटाइन अवधि पूरी कर चुके दूसरे राज्यों के लोगों को भेजने के लिए प्रबंध किया है।
वहीं, दूसरे राज्यों में फंसे उत्तराखंडवासियों के वापिस आने का क्रम भी शुरू हो चुका है। प्रवासी मजदूरों का और से उत्तर प्रदेश का पारगमन 2 मई को सुबह 8 बजे से शुरू हो गया है। यूपी में बरेली और उत्तराखंड में हरिद्वार को ड्रॉप और पिक पॉइंट के रूप में नामित किया गया है। उत्तराखंड से और उत्तराखंड के प्रवासी मजदूरों का विवरण सभी
आयुक्तों, डीएम और यूटीसी अधिकारियों के साथ साझा किया गया है। कुमाऊं के जिलों के संबंधित राहत शिविरों में यूपी के लोगों को टनकपुर / हल्द्वानी से बरेली पहुंचाया जाएगा। कोरोना के चलते लागू लॉकडाउन की वजह से देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे उत्तराखंड के लोगों और उत्तराखंड में फंसे दूसरे राज्यों के कामगारों और पर्यटकों की घर वापसी शुरू हो गई है।
लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों में फंसे करीब 92 हजार लोग उत्तराखंड लौटना चाहते हैं। इनमें से 90 हजार लोगों ने राज्य सरकार की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराया है जबकि करीब दो हजार लोगों ने एसडीआरएफ के कंट्रोल रूम में फोन कर घर वापस लौटने की इच्छा जताई है।
कंट्रोल रूम में जो कॉल आ रही हैं, उसमें सर्वाधिक हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में फंसे लोगों की है। कई लोग होटल लाइन से जुड़े हैं जो लॉकडाउन के चलते होटलों में ही फंसे हैं। इधर उत्तराखंड से पहले चरण में विभिन्न राहत कैंपों में रह रहे उत्तर प्रदेश के 1434 लोगों को वापस भेजा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश से 180 लोग उत्तराखंड वापस आएंगे। उत्तराखंड के नोडल अधिकारी शैलेश बगोली के अनुसार, प्रथम चरण में केवल राहत कैंपों में रह रहे लोगों को ही भेजा जाएगा। राहत कैंपों से बाहर अन्य स्थानों पर रह रहे लोगों की बारी दूसरे चरण में आएगी।

केंद्र सरकार की हरी झंडी के बाद दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिकों और पर्यटकों की घरवापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई। आज सुबह रोडवेज की बसें कुछ चिहि्नित लोगों को हरिद्वार और बरेली ले गई हैं।
यूपी ने अपने लोगों को ले जाने के लिए गढ़वाल में हरिद्वार और कुमाऊं के लिए बरेली में सेंटर बनाया है। उन्होंने बताया कि पौड़ी और चमोली से शुक्रवार को 48 लोगों को रोडवेज की बसों के जरिए हरिद्वार लाया गया। देहरादून से भी लोगों को भेजा जा रहा है। दूसरी तरफ, नैनीताल से 100 लोगों को बरेली भेजा गया। चंपावत से भी 19 लोग रोडवेज की बसों से टनकपुर पहुंचा दिए गए थे।
हल्द्वानी में फंसे यूपी के 124 मजदूर घर लौटे
कुमाऊं के अलग-अलग हिस्सों से आ कर हल्द्वानी में फंसे यूपी के 124 मजदूर शनिवार को घर लौट गए हैं। स्वास्थ्य जांच के बाद उत्तराखंड रोडवेज की 5 बसों से इनको भेजा गया है। अधिकारियों ने बताया कि इनको बरेली तक छोड़ा जाएगा। जांच हेल्थ चेकअप के बाद यूपी रोडवेज की बस से इनको घर छोड़ा जाएगा।
हल्द्वानी स्पोर्ट्स स्टेडियम और एमबी इंटर कॉलेज में बने शेल्टर होम के अलावा बागजाला क्वारंटाइन सेंटर से जमात में शामिल यूपी जमात को भी भेजा गया है। मालूम हो कि पहाड़ से पैदल चलकर आए यूपी के श्रमिक 29 मार्च से यहां राहत कैंपों में रखे गए थे, जबकि जातियों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद 53 लोगों को क्वारंटाइन किया गया था।
बागजाला प्रसार प्रशिक्षण केन्द्र में रखे जातियों में से 7 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद सभी जमात से जुड़े लोगों की कोरोना जांच हुई थी जिसमें रिपोर्ट निगेटिव आई थी।



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