मुजफ्फरपुर। आयुष विधि से इलाज के लिए चिकित्सक तो जिले में आए, लेकिन दवा का टोटा बना हुआ है। पिछले साल मार्च में यहां 125 चिकित्सकों की पोस्टिंग की गई। इसी के साथ जिले में आयुष चिकित्सकों की कमी भी काफी हद तक कम हो गई। जिले में कुल 83 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) हैं।
सभी एपीएचसी में एक-एक चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है, बाकि शेष बचे चिकित्सकों की नियुक्ति पीएचसी में कर दी गई। यहां पर आयुर्वेदिक, यूनानी व होम्योपैथी के चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है। फिलहाल, स्थिति यह है कि दवा के अभाव में आयुष चिकित्सकों को एलोपैथ की दवाएं लिखनी पड़ रही हैं।

एक भी दवा उपलब्ध नहीं
- आयुष दवाओं की सूची में यूनानी के लिए 222, होम्योपैथी के लिए 415 और आयुर्वेद के लिए 250 दवाओं को शामिल किया गया है। इनमें एक भी दवा उपलब्ध नहीं है। जिले में 83 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के नियमित संचालन के लिए यहां पर इलाज किया जा रहा है।
- जानकारों की मानें तो सरकार सरकार गांव में पुरानी पद्धति को बढ़ावा देने के लिए आयुष चिकित्सक की पोस्टिंग की, लेकिन दवा नहीं मिलने के कारण परेशानी है। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एलोपैथी विधि से आयुष चिकित्सक इलाज कर रहे हैं।
2022 से यहां पर नहीं आई दवा, मरीज का होता रहा इलाज
जानकारों की माने तो आयुष में आयुर्वेद, योग, होम्योपैथी, यूनानी, सिद्ध, सोवा रिग्पा (तिब्बती इलाज पद्धति) घरेलू उपचार को शामिल किया गया है। इसमें जिले में अभी आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी पद्धति के के चिकित्सक को विभाग ने नियुक्त किया है।




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