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नल जल योजना में सरकार के साथ कर रहे थे चालाकी, अब बुरी तरह फंसे मुखिया सहित 2 अधिकारी

बगहा। बगहा के सिसवा वसंतपुर पंचायत में नल जल योजना में लगभग 10 लाख रुपये की हेरा फेरी का मामला प्रकाश में आया है। मुखिया, पंचायत सचिव और तकनीकी सहायक से राशि वसूलने का निर्देश दिया गया है।

लोक शिकायत निवारण कार्यालय में पंचायत के जमादार टोला निवासी परिवादी मिनहाजुद्दीन खान ने परिवाद दायर कर ग्राम पंचायत के सभी वार्डों में नल-जल लघु मरम्मत कार्य में मुखिया, पंचायत सचिव एवं कनीय अभियंता द्वारा बड़े पैमाने पर सरकारी राशि का बंदरबाट करने का आरोप लगाया है।

आरोप यह भी है कि लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी नल जल बंद है। इस संबंध में कार्यालय से पत्र जारी करते हुए बीडीओ से जांच कर प्रतिवेदन की मांग की गई थी।

लोक शिकायत अधिकारी द्वारा सुनवाई के क्रम में लोक प्राधिकार सह बीडीओ के प्रतिवेदन व पंचायत से संबंधित नल-जल योजनाओं की मरम्मत संबंधित अभिलेखों के अवलोकन से स्पष्ट हुआ कि वर्तमान में बिहार सरकार की उक्त महत्वपूर्ण योजना क्रियान्वित नहीं है। इसके अलावा, बेतिया के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा टेंडर कराकर उसको ठीक कराए जाने की प्रक्रिया की जा रही है। जबकि दो साल पूर्व ही इसके लिए मुखिया व पंचायत सचिव द्वारा लाखों रुपये खर्च किया गया है।

सिसवा बसंतपुर में योजना संख्या दो से योजना संख्या -13 की संचिकाओं के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि उक्त समस्त योजनाओं को सीधे मुखिया व पंचायत सचिव द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से स्वयं ही क्रियान्वित कर दी गई है।

एक नजर योजनाओं पर

  • योजना संख्या-10-2022-23 में 35 मजदूरों से छह दिनों तक कार्य लेने का दावा किया गया है।
  • योजना संख्या-11-2022-23 में 39 मजदूर छह दिन तक
  • योजना संख्या-12-2022-23 में 44 मजदूर से छह दिनों तक
  • योजना संख्या-2-2022-23 में कुल 24 मजदूर छह दिनों तक

कोई भी मजदूर साक्षर नहीं

योजना संख्या-6-2022-23 में 33 मजदूर छह दिनों तक कार्य कराने का मास्टर रोल संलग्न किया गया है और अप्रत्याशित रूप से इन सभी मजदूरों में कोई भी मजदूर साक्षर नहीं है।सभी मजदूरों के अंगूठे का निशान दर्ज कराया गया है। उनको योजना में कुल खर्च का एक बड़ा हिस्सा का भुगतान करने का दावा किया गया है।

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