पटना। राजद के दरवाजे को लेकर इसके संस्थापक लालू प्रसाद यादव (Lalu Yadav) के परिवार के सदस्यों के बीच भारी असमंजस है। परिवार के चार प्रमुख सदस्यों में से दो के अनुसार, राजद का दरवाजा सबके लिए खुला है। दो सदस्य इसे बंद बता रहे हैं।
दरवाजा खोलने और बंद करने की घोषणा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को लेकर हो रही है। दिलचस्प यह है कि नीतीश उनके दरवाजे की ओर झांक ही नहीं रहे हैं। वह बार-बार कह रहे हैं कि हम जहां हैं, वहीं रहेंगे। दो बार गलती से इधर से उधर चले गए थे। अब वह गलती नहीं करेंगे।
जनवरी से शुरू हुआ दरवाजा खोलने-बंद होने का सिलसिला
दरवाजा खोलने-बंद होने का सिलसिला इस साल दो जनवरी को शुरू हुआ। लालू बोले- नीतीश कुमार के लिए हमारा दरवाजा खुला हुआ है। नीतीश को भी चाहिए कि वह अपना दरवाजा खोल कर रखें, लेकिन विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने लालू के प्रस्ताव को हलका कर दिया।

उनका कहना था कि मीडिया वालों के सामने लालूजी ऐसे ही कुछ बोल देते हैं। दरवाजा तो बंद ही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा में लालू के प्रस्ताव को साफ-साफ अस्वीकार कर दिया।
‘लालू राज के पिछड़ेपन को समाप्त किया’
उन्होंने कहा कि एनडीए के साथ अटल हैं। इस क्रम में उन्होंने लालू प्रसाद के शासन काल के अपराध की चर्चा शुरू कर दी। यह भी बता दिया कि लालू प्रसाद के राज के पिछड़ेपन को उन्होंने समाप्त कर दिया है।




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