बेटियां आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं. समुद्र की गहराई से अंतरिक्ष तक अपने झंडे गाड़ चुकी हैं. उन्हीं में से एक हैं आईएएस सुलोचना मीणा, जो महज 22 वर्ष की उम्र में IAS बनीं. अपने पिता के दिखाए सपने को पूरा किया. उनकी पहली पोस्टिंग झारखंड के पलामू जिले में सदर अनुमंडल पदाधिकारी के रूप में हुई है.







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