पटना: बिहार में इन दिनों गर्मी का एहसास हो रहा है। रात में हवा की रफ्तार बेहद कम होती है, जबकि दिन में पछुआ हवा 4 से 6 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है। मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एसके पटेल का कहना है कि दिवाली के बाद तापमान में गिरावट आ सकती है और ठंडक महसूस होगी, लेकिन इस साल दिवाली की रात बिहार के कई शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। पटाखों के इस्तेमाल और अन्य प्रदूषकों के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) कई शहरों में बहुत खराब पाया गया।
दिवाली की रात बिहार के अधिकांश शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया। पटाखों के इस्तेमाल के कारण राज्य के कई शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 200 से ऊपर पहुंच गया, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है।







पूर्णिया जिले में प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक 280 दर्ज किया गया। इसके अलावा, हाजीपुर (265), बेतिया (243), और कटिहार (211) में भी प्रदूषण का स्तर गंभीर स्तर पर पहुंच गया। मुजफ्फरपुर (187), किशनगंज (168), पटना, भागलपुर, और बेगूसराय (150) में भी प्रदूषण का स्तर काफी अधिक रहा। हालांकि, राज्य के कुछ जिलों की स्थिति बेहतर रही। मुंगेर (97), छपरा (90), आरा (57), सासाराम (55), और बिहारशरीफ (49) में प्रदूषण का स्तर तुलनात्मक रूप से कम रहा।



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