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नौकरानी के नि’धन के बाद गौतम गंभीर ने किया अंतिम संस्कार, फैन्स कर रहे सलाम…

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और भारतीय जनता पार्टी के सांसद गौतम गंभीर को उनके विस्फोटक खेल के साथ-साथ बेबाकी के लिए भी जाना जाता है। मुद्दा चाहे क्रिकेट से जुड़ा हो या समाज से गौतम अपनी बात रखने से कतई झिझकते नहीं हैं। उनके आक्रामक स्वभाव के साथ उनके पास एक बेहद प्यारा दिल भी है। गौतम गंभीर के अक्सर जरूरतमंदों की मदद करते हैं। उनके खेल के साथ ही उनकी नेकदिली के भी लाखों फैन है। कोरोना वायरस की वजह से भारत में लॉकडाउन की स्थिति है। इस बीच उन्होंने कुछ ऐसा किया है, जिसकी हर तरफ तारीफ हो रही है। दरअसल, गौतम गंभीर की एक हाउस हेल्प का हाल ही निधन हो गया। वह ओडिशा से थी। गंभीर ने उनका अंतिम संस्कार किया। यह हाउस हेल्प उनकी दोनों बेटियों-अनाइजा और आजीन की देखभाल किया करती थीं। गंभीर उन्हें भी अपने परिवार की सदस्य मानते थे। गौतम गंभीर के इस दिल छू लेने वाले कदम की हर कोई सराहना कर रहा है।गौतम गंभीर ने ट्वीट करते हुए लिखा- मेरी बच्चियों की देखभाल करने वाली कभी नौकरानी नहीं हो सकती। वह मेरा परिवार थीं। उनका अंतिम संस्कार करना मेरा कर्तव्य था। मैं जाति, मजहब और पेशे इस इतर हर इंसान को सम्मान देता हूं। इसी तरह हम एक बेहतर समाज बना सकते हैं। भारत को लेकर मेरा यही विचार है। ओम शांति।

मीडिया रिपोटों के अनुसार ओडिशा की 49 वर्षीय पात्रा जाजपुर जिले की थी । वह मधुमेह और उच्च रक्तचाप से जूझ रही थी और उन्हें कुछ दिन पहले ही गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने 21 अप्रैल को दम तो’ड़ा। केंद्रीय पेट्रोलियम और इस्पात मंत्री धमेंद्र प्रधान ने गंभीर की तारीफ की। ओडिशा के रहने वाले प्रधान ने कहा कि गंभीर के इस नेक काम से उन लाखों गरीबों के मन में इंसानियत पर विश्वास गहरा हो जायेगा जो आजीविका कमाने के लिए घर से दूर रहते हैं। 

बता दें कि गौतम गंभीर कोविड-19 महामारी से प्रभावित लोगों की मदद के लिए भी आगे आए हैं। उन्होंने अपना दो साल का वेतन पीएम केयर्स फंड में दान कर दिया है। उन्होंने दिल्ली सरकार को भी मेडिकल इंक्विपमेंट और अन्य सहूलियत के लिए एक करोड़ रुपये डोनेट दिए। पूर्वी दिल्ली में उन्होंने गरीबों को भोजन के पैकेट्स भी वितरित किए। 

गौतम हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व ऑल राउंडर शाहिद अफरीदी के साथ विवाद में घिरे थे। अफरीदी ने अपनी किताब में गंभीर के बारे में लिखा था, ”उनमें खेल के दौरान बहुत ज्यादा अकड़ और अहंकार था।” अफरीदी के इस कमेंट का जवाब देते हुए गंभीर ने कहा था- उन्हें अपनी उम्र का तो पता नहीं है, मेरे एटीट्यूड का क्या पता होगा। इस बीच भारत में कोरोना वायरस के 21,700 मामले आ चुके हैं और 686 लोगों की मृत्यु हो चुकी हैं। भारत में 3 मई तक फिलहाल लॉक डाउन चल रहा है।

Input: Hindustan

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