PATNA : कोरोना महामा’री के बीच बिहार में सिस्टम की एक बड़ी खा’मी उजागर हुई है। दरअसल पटना के खाजपुरा इलाके में जिस मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी उनकी मौ’त पहले ही हो चुकी है लेकिन बिना जानकारी उपलब्ध कराएं जिला प्रशासन ने मृत जूनियर इंजीनियर की ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर लगा दी खाजपुरा इलाके में जब मजिस्ट्रेट साहब ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो ह’ड़कंप मच गया था.
पटना डीएम ने दी सफाई
अब इस मामले पर पटना के डीएम कुमार रवि ने सफाई दी है कि रवि ने कहा है कि जिस पदाधिकारी को मजिस्ट्रेट ड्यूटी दी गई थी उनकी पहले ही मौ’त हो चुकी है मानवीय भूल के कारण उनकी ड्यूटी लगा दी गई और अब इसमें सुधार कर लिया गया है आज पूरे इलाके में नए मजिस्ट्रेट की तैना’ती कर दी गई है.
तीन साल पहले हुई थी मौ’त
जिस जूनियर इंजीनियर राजीव रंजन को खाजपुरा में मजिस्ट्रेट तैनात किया गया था. उनकी मौ’त 3 साल पहले कैं’सर की बीमा’री से हो गई थी. वह भवन निर्माण विभाग के गर्दनीबाग प्रमंडल में वे मौ’त के समय पोस्टेड थे. फर्स्ट बिहार के खबर चलाने के बाद संघ सामने आया है.
कैसे लड़ेंगे कोरोना से
जिस खाजपुरा इलाका कोरोना को लेकर हॉट स्पॉट बना हुआ है. वहां पर ड्यूटी को लिए ऐसे शख्स की ड्यूटी लगाई गई जिसकी पहले ही मौ’त हो चुकी थी. अब सवाल उठता है कि कोरोना से लड़ने के लिए कितना सजग है. बताया जा रहा है कि खाजपुरा में तैनात मजिस्ट्रेट जूनियर इंजीनियर थे. जब यह बात फैली की मजिस्ट्रेट की मौ”त हो गई तो प्रशासनिक गलियारे में ह’ड़कंप मच गया है. जिसके बाद जिला प्रशासन की तरफ सफाई दी गई. आपको बता दें कि मजिस्ट्रेट की तैनाती खाजपुरा इ’लाके में उस जगह पर की गई थी जहां बैरिकेडिंग लगाए गए हैं. अचानक से मजिस्ट्रेट जब ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो छानबीन शुरू की गई.
Input: First Bihar



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