कोलकाता के सुब्रत दो शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाते हैं. वो इन संस्थानों में हिस्ट्री यानी इतिहास विषय के टीचर हैं. बीते मार्च से देश भर में कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन लगा दिया गया. लॉकडाउन की घोषणा के वक्त सुब्रत पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले में अपने गांव अहांदा में थे.
सुब्रत आजकल सोशल मीडिया में काफी चर्चा बटोर रहे हैं. इसके पीछे की कहानी ये है कि वो रोज पेड़ पर चढ़कर स्टूडेंट्स की क्लास लेते हैं. 35 साल के सुब्रत पाती ने एक नीम के पेड़ पर मचान बनाकर उसे अपना क्लासरूम बना लिया है.
बता दें कि लॉकडाउन के दौरान वो गांव में ही थी. अब उन्हें गांव से ऑनलाइन क्लास लेनी थी लेकिन गांव में नेटवर्क की काफी दिक्कत है. वैसे सुब्रत चाहते तो इस स’मस्या के सामने घु’टने टेक देते और क्लास लेने से मना कर सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया बल्कि स’मस्या का हल निकाला.
सुब्रत ने बताया कि जब उन्होंने पेड़ पर चढ़कर देखा तो फोन में नेटवर्क सही आ रहा था. फिर उन्होंने Do it Yourself टेक्नीक अपनाई. गांव में अपने दोस्तों की मदद से सुब्रत ने बांस की खपच्चियों और पुआल को रस्सी से बांधकर एक प्लेटफॉर्म बनाया और उसे घर के पास के एक नीम के पेड़ पर उसकी शाखाओं के बीच फंसाकर रख दिया. अब सुब्रत रोज क्लास के टाइम पेड़ की शाखाओं के बीच फंसे लकड़ी के उसी प्लेटफॉर्म पर चढ़कर बैठते हैं और स्टूडेंट्स की ऑनलाइन क्लास लेते हैं. उन्हें घंटों वहां बैठकर क्लास लेनी होती है. इसिलए सुब्रत खाना-पानी भी अपने साथ पेड़ पर ही ले जाते हैं.



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