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मोतिहारी : प्रोग्रामेटिक मैनेजमेंट ऑफ़ टीबी प्रीवेंटिव ट्रीटमेंट को लेकर प्रशिक्षण

मोतिहारी – टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सदर अस्पताल मोतिहारी के आर टी सी हॉल में प्रोग्रामेटिक मैनेजमेंट ऑफ़ टीबी प्रीवेंटिव ट्रीटमेंट (पीएमटीपीटी) को लेकर मोतिहारी अनुमंडल के सीएचओ का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित हुआ। यक्ष्मा चिकित्सा पदाधिकारी सुनील कुमार एवं वर्ल्ड विजन संस्था के जिला प्रतिनिधि रामजनम सिंह द्वारा यह प्रशिक्षण दिया गया। मौके पर एमओटीसी डॉ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि टीबी से संक्रमित मरीजों के बच्चों व परिवार के सदस्यों को टीबी से बचाव को लेकर प्रीवेंटिव ट्रीटमेंट कराना है। ताकि टीबी के प्रसार पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने बताया कि जिले में यक्ष्मा उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा विभिन्न स्तर पर लगातार प्रयास किया जा रहा है।

प्रीवेंटिव ट्रीटमेंट द्वारा टीबी रोग से होगा बचाव:

राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन प्रोग्राम के अंतर्गत मैनेजमेंट ऑफ टीबी प्रीवेंटिव ट्रीटमेंट के बारे में प्रशिक्षण देते हुए रामजनम सिंह ने बताया कि वर्ल्ड विजन के जीत कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण में टीबी की पहचान एवं उपचार के तरीके प्रशिणार्थियों को बताये गये। उन्होंने बताया कि एलटीबीआई काउंसलर के द्वारा सभी पल्मोनरी टीबी मरीज के घर में जाकर कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग कर वैसे मरीज को चिह्नित किया जा रहा जिनमें एक्टिब टीबी का कोई लक्षण नहीं है। तत्पश्चात वैसे मरीज को टीपीटी से जोड़क़र उन्हें 6 माह आइसोनियाजेड की दवा खिलायी जाती है। ताकि लेटेंट टीबी इंफेक्शन को समाप्त किया जा सके।
मौके पर चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुनील कुमार, वर्ल्ड विजन के जिला प्रतिनिधि रामजनम सिंह, सुपरवाइजर जीतेन्द्र कुमार, सूरज कुमार, अमरेंद्र कुमार सहित अन्य लोग शामिल थे।

टीबी के लक्षण :

-2 हफ्ते से अधिक समय तक खांसी।
-तेज बुखार, ठंड लगना, रात में पसीना आना, सीने में दर्द।
-सांस लेने में तकलीफ,भूख न लगना।
-ग्रंथियों में सूजन,पेट दर्द।
-हड्डी या जोड़ में दर्द।
-भ्रम की स्थिति।

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