27 नवंबर 2022 को गंगा उद्धव योजना हर घर गंगाजल योजना का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा की गई थी। फरवरी 2020 में सीएम नीतीश कुमार के द्वारा हाथीदह से गंगाजल को नालंदा लाने की पहल की गई थी। इसके लिए गिरियक के घोड़ा कटोरा स्थित 350 एकड़ में वाटर रिजर्वायर बनाया गया है। 83 किलोमीटर का सफर तय कर हाथीदह से मोतनाजे स्थित डिटेंशन टैंक तक गंगाजल पहुंच रहा है। इसके लिए 16728 पाइप का इस्तेमाल किया गया है। जो 6 फिट से अधिक व्यास का एक पाइप है, जिसकी लंबाई 5.5 मीटर है। पाइपलाइन से पानी पहुंचाने के लिए 3300 एचपी के तीन मोटर मोकामा के हाथीदह में लगाए गए है।
गंगा जी के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी तो पहुंचने लगा पानी
इस वर्ष जब गंगा जी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई तो जुलाई महीने से हाथीदह से गंगाजल लिफ्ट करके घोड़ा कटोरा जलाशय में भरने का काम शुरू कर दिया गया है। इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि जब मलमास मेला में राजगीर श्रद्धालुओं एवं पर्यटक पहुंचे तो उन्हें पीने के लिए गंगाजल उपलब्ध कराया गया था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भगीरथ प्रयास की वजह से अब गया एवं राजगृह शहरी क्षेत्र के लोगों की प्यास गंगाजल से बुझ रही है।

राजगृह जलाशय
पर्यटन का बन रहा हब
राजगृह जलाशय अब धीरे-धीरे पर्यटन का रूप लेने लगा। तीन तरफ से हरे भरे पेड़ों से घिरे पहाड़ और उसके बीच में स्टोर होता गंगाजल अपने आप मे एक अलग एहसास कराता है। कल कल कर गिरती गंगा जी का पानी का दृश्य भी मनोरम लगता है। आने वाले ब्रेड को को ध्यान में रखते हुए वाटर रिजर्वायर के ऊपर ग्रिल लगाया गया। इसके साथ ही एक सेल्फी प्वाइंट भी बनाई गई है।
अक्टूबर तक आएगा गंगाजल
गंगा जी के जलस्तर को देखते हुए अक्टूबर तक हाथीदह से पानी लिफ्टिंग कर नवादा के मोतनाज़े लाया जाएगा। जहां से गया, बोधगया भेजा जा रहा है और जल्द ही नवादा भी गंगा जी का पानी भेजा जाएगा। वहीं, नालंदा के घोड़ा कटोरा में बने रिजर्वायर में पानी स्टोर किया जा रहा है। जिसकी क्षमता 9.987 एमएल है।जो 35 फीसदी से कुछ अधिक ही अभी तक भर पाया है।




Comment here