जिले में आई फ्लू का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। एसकेएमसीएच के आई ओपीडी में आने वाला पांच में हर चौथा मरीज आई फ्लू(आंख आने) से पीड़ित आ रहा है। ओपीडी में आने वाले मरीजों में 80- 85 फीसदी मरीज इसी बीमारी से ग्रसित रहते हैं। बीते चार दिनों में एसकेएमसीएच के आई ओपीडी में आई फ्लू की बीमारी से पीड़ित 480 से अधिक मरीज आए हैं।

बच्चों से लेकर हर एक उम्र के लोगों में यह तेजी से फैलता जा रहा है। यह सिर्फ एक अस्पताल का आंकड़ा है। सदर अस्पताल समेत जिले के बाकी पीएचसी-सीएचसी और निजी क्लीनिकों में भी दर्जनों की संख्या में रोजाना आई फ्लू से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। हालांकि, डॉक्टर ने इसे वायरल बीमारी बताया है।

डॉक्टर बोले- आई फ्लू को पूरी तरह से ठीक होने में लग सकते हैं 3 से 4 दिन, संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से बचें
डॉक्टरों की माने तो यह एक-दूसरे से फैलने वाली बीमारी है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी इलाकों तक के लोग इस बीमारी से परेशान है। आंख आने के कारण आंख में लालीपन, खुजली और पानी आने की समस्या रहती है। जिसका कारण कम बारिश और उमस भरी गर्मी पड़ना है। एसकेएमसीएच के आई विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि आई फ्लू को ठीक होने में 3 से 4 दिन लग सकते हैं। यह यह नन स्पेसिफिक वायरस के कारण फैलती है। इससे बचाव के लिए संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से लोगों को बचना चाहिए। लोगों में भ्रम पैदा है कि संक्रमित लोगों की आंखों में देखने से यह बीमारी हो जाती है। हालांकि, यह बीमारी संपर्क में आने से ही फैलती है।
लक्षण
- आंख में लालीपन आना
- सूजन
- खुजली
- जलन
- पलकें चिपकना
- आंख से पानी आना
- दर्द होना
बचाव
- बार-बार आंख छूने से बचें।
- आंख को बर्फ से सेंकना चाहिए।
- संक्रमित के संपर्क से आने बचें।
- आंख से पानी आने पर साफ सूती कपड़े से पोंछे।
- आंख में किसी प्रकार का मेकअप नहीं लगाएं।
- साफ पानी से आंख धोते रहें।
- आई फ्लू से संक्रमित व्यक्ति का तौलिया और तकिया का उपयोग नहीं करें।




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