शहर में अभी पब्लिक का सबसे बड़ा मुद्दा स्मार्ट प्री-पेड मीटर है। स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगने के बाद अलग-अलग पांच तरह के चार्ज डिफरमेंट राशि के रूप में जोड़ कर 47 हजार घरों की बिजली जुलाई में काटी गई। तिलक मैदान रोड बिजली कार्यालय में लोगों ने तोड़फोड़ और मारपीट की। बवाल के कारण मीटर लगाने का काम थम गया। अब फिर से स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाया जा रहा है। शहरी डिवीजन-1 में 25 अगस्त तक स्मार्ट प्री-पेड मीटर नहीं लगाने वाले उपभोक्ता के घर की बिजली काट दी जाएगी। जिन 47 हजार घरों की बिजली गुल हुई, उसमें करीब 55 सौ लोग अब भी अंधेरे में डूबे हैं। कनेक्शन चालू नहीं करा सके हैं।
एनबीपीडीसीएल का दावा है कि अगस्त माह में जो बिलिंग होगी, उसमें डिफरमेंट राशि पहले की तरह नहीं लगेगी। सबसे ज्यादा डिफरमेंट राशि कम लोड स्वीकृत रहने और बिजली ज्यादा इस्तेमाल करने पर देना पड़ रहा है। मुजफ्फरपुर शहरी डिवीजन-1 में 75 हजार उपभोक्ता में से 69 हजार के यहां स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाए गए हैं। एनबीपीडीसीएल का कहना है कि 25 अगस्त के बाद 100% मीटर लगने की घोषणा कर बाकी बचे लोगों की बिजली काट दी जाएगी। सभी जूनियर इंजीनियरों को यह जवाबदेही दी गई है कि पुराना मीटर बदलवा दें। जब तक प्री-पेड मीटर नहीं लगेगा, बिजली कनेक्शन चालू नहीं होगा। वहीं, शहरी डिवीजन-2 में अक्टूबर तक सभी पुराने मीटर बदलने का लक्ष्य है।

डिफरमेंट राशि की मार
लोड से ज्यादा इस्तेमाल करने पर दोगुना जुर्माना
शहरी क्षेत्र में ज्यादातर तीन मेगावाट खपत है। पर, कनेक्शन लेते समय एक किलोवाट लोड लिया गया, वह अब तक नहीं बढ़वाया जा सका है। नए मीटर में ऐसा सॉफ्टवेयर है कि माह में एक दिन ही नहीं, एक मिनट के लिए भी जितना अधिकतम लोड होगा, उसी की गणना कर जुर्माना करेगा। यानी एक किलोवाट स्वीकृत लोड की जगह तीन किलो वाट इस्तेमाल करते हैं, तो बाकी किलोवाट का दोगुना चार्ज लगेगा।
प्रति किलोवाट घरेलू का चार्ज 80 रुपए है। एनबीपीडीसीएल के मुताबिक, 70% से ज्यादा लोगों को स्वीकृत लोड से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने पर जुर्माना लगा है। इसके बाद पांच हजार से ज्यादा लोगों ने अपना लोड बढ़वा लिया है। इसके अतिरिक्त डिफरमेंट चार्ज में जो बकाया है, उस पर लगने वाला ब्याज की राशि है।

उपभोक्ताओं की जुबानी…
हाल में 65 हजार रुपए जमा किए हैं। स्मार्ट मीटर लगाने के बाद रिचार्ज कर रहे हैं। बावजूद बिजली बिल 7 लाख बकाया बता रहा है। -सद्दुर रहमान, चंदवारा, भोला चौक
हर महीने 6 से 7 सौ रुपए बिजली बिल पहले आता था। अब माह में 2 हजार से 25 सौ रुपए तक के रिचार्ज करवाने पड़ रहे हैं। -संतोष कुमार, माली घाट
पहले जब स्मार्ट मीटर नहीं लगा था, तो महीने में 5 सौ रुपए का बिजली बिल आता था। अब 3 बार 5-5 सौ का रिचार्ज कर रहे हैं। -मो. मुन्ना, चंदवारा
ये प्रस्ताव हेड क्वार्टर को भेजे गए
- पहले बिल की डिफरमेंट राशि का बिना किसी ब्याज के 300 दिन में भुगतान लिया जाए।
- ओवरलोड की पेनाल्टी 6 माह तक नहीं ली जाए।
- बकायाधारी और गैर बकायाधारी को लोड बढ़ाने की सुविधा सुगम स्मार्ट मीटर एप पर होनी चाहिए।
- बकाया राशि के भुगतान के दो विकल्प होने चाहिए। (पहला-300 दिनों के किस्त के रूप में भुगतान करना), (दूसरा- एक बार में पूर्ण भुगतान करना)
- स्मार्ट मीटर लगने के दौरान यदि किसी उपभोक्ता के पुराने मीटर की अंतिम रीडिंग गलत एंट्री हो जाती है और उसका बिल 4 गुना आता है तो ऐसे मामलों में बिल निर्गत नहीं होना चाहिए।
- खराब नेट मीटर को स्मार्ट मीटर से बदला जाए।
- लोड बढ़ाने के साथ फेज चेंज करने की सुविधा हो।
- पुराने मीटर की अंतिम रीडिंग की जानकारी उपभोक्ता को दी जाए।
अगले माह की बिलिंग में अब डिफरमेंट की राशि कम हो जाएगी। इसकी वजह है कि पहली बिलिंग हो चुकी है। पुराने बिल और नए मीटर की अवधि की राशि के बीच का अंतर अब नहीं लगेगा। लोड बढ़वाने को लेकर भी लोग जागरूक हुए हैं। लोड बढ़वा रहे हैं। हर माह बिलिंग होगी। शहरी डिवीजन-1 में 25 अगस्त तक जो नया मीटर नहीं लगवाएंगे, उनकी बिजली काट दी जाएगी। -पंकज राजेश, अधीक्षण अभियंता




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