सुपौल में कोसी उफान पर है और पलायन का दौर शुरू हो चुका है। हर बार की तरह इस बार भी नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटाव तेजी से हो रहा है। अभी तक 150 से ज्यादा घर जल समाधि ले चुके हैं और ये सिलसिला जारी है।
कोसी ने एक के बाद एक आशियाने को निगलना शुरू कर दिया है। हर साल की तरह इस बार भी हाहाकार मचाने को तैयार है। इसी सब के बीच लोग पलायन कर रहे हैं। साल बदल गए, लेकिन इन बेबसों की तकदीर नहीं बदली। इनके लिए मानसून हर साल अभिशाप बनकर आता है जो अपने साथ इनके आशियाने, रोजगार और साल भर की कमाई को बहा ले जाता है।
जिले के सदर प्रखंड में नरहैया गांव के वार्ड 11 और 12 में कोसी कहर बरपा रही है। यहां अभी तक 150 से ज्यादा घर जल समाधि ले चुके हैं और सिलसिला जारी है। इलाके में हो रहे कटाव के चलते लोग अपना घर छोड़कर पलायन करने को मजबूर हैं।

कई घर कोसी में समा गए।
कटाव पीड़ित अपने आशियाना को छोड़ बेबसी में जीने को मजबूर हैं। बाढ़ से मचे हाहाकार के बीच नए ठिकाने की तलाश में जद्दोजहद कर रहे हैं। कटाव पीड़ित जिला प्रशासन से राहत और मुआवजे की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उनके लिए मदद नहीं पहुंच पाई है।
शासन-प्रशासन ने कटाव पीड़ितों को अपनी हालत पर छोड़ दिया है। कटाव पीड़ित बच्चा लाल कामत और शिव शंकर कामत ने बताया कि नदी की तेज धारा की वजह से लगातार कटाव जारी है। करीब 150 से ज्यादा घर अब तक कोसी नदी में समा चुके हैं। ऐसे में मुख्य समस्या इस बात की है कि इतनी ही जमीन पर बसे थे, वह भी नदी ने ले ली। अब नए ठिकाने की तलाश में कोसी तटबंध पर बसेंगे।



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