बिहार के देवघर कहे जाने वाले मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ धाम में सावन माह की पहली सोमवारी की रात बाबा गरीबनाथ जी का फूलो से महा श्रृंगार किया गाय। महाश्रृंगार और महा आरती के साथ हर हर महादेव के नारे से बाबा नगरी गूंज उठा।

फूलो से बाबा का श्रृंगार
बंगाल और अन्य जगहों से मंगवाई गई विशेष फूलो से बाबा का महा श्रृंगार किया गया है। बाबा के महा श्रृंगार को देख कर भक्त मंत्रमुग्ध हो गए। जय भोले, बोल बम, बम बम भोले के नारे के साथ महा आरती की गई। उसके बाद बाबा को विशेष भोग लगाया गया।

बाबा का श्रृंगार होते हुए
मंदिर के पुजारी अभिषेक पाठक ने बताया कि सावन कि पहली सोमवारी के उपलक्ष्य में फूल, पान का पत्ता और भांग से बाबा गरीबनाथ का महाशृंगार हुआ है। जूही का फूल बंगलौर से मंगवाए है। रजनीगंधा और गुलाब बंगाल से मंगवाया गया है।

आरती करते मंदिर के पुजारी
मंदिर के प्रधान पुजारी विनय पाठक ने बताया कि बना गरीबनाथ का श्रृंगार हर सोमवारी को अलग अलग ढंग से होता है। एक प्रचलन बाबा गरीबनाथ के मंदिर से होता है, को पूरे बिहार में फैलता है। पहले बाबा बैद्यनाथ से होता था। अब बाबा गरीबनाथ से होता है।

दीपो से बना रिद्धि सिद्धि
पहले सोमवारी को फूल, दूसरे सोमवाड़ी को चावल, तीसरे सोमवारी को फल, चौथे सोमवारी को पान के पत्ता से होता है। पूर्णिमा के दिन बर्फ से शिवलिंग बनाया जाता है। जो श्रद्धालु अमरनाथ नहीं जा पाते है। वो यहां बाबा को इस रूप से देख सकते है।



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