लघु जल संसाधन विभाग की ओर से बिहार के पठारी और पहाड़ी क्षेत्रों में पानी की समस्या को दूर करने के लिए गारलैंड ट्रेंच का निर्माण किया जा रहा है। 6 जगहों पर ट्रेंच निर्माण काम पूरा हो चुका है। जिसमें लगभग 20 लाख घनमीटर पानी एकत्रित करने की व्यवस्था है। इससे 450 किसानों को सीधे फायदा मिल रहा है। इससे 1370 हेक्टेयर खेत की सिंचाई की जा रही है।
बिहार में पहाड़ी और पठारी क्षेत्रों में पानी की समस्या को देखते हुए 40 जगहों पर गारलैंड ट्रेंच के निर्माण की योजना बनाई गई है। 5 से 7 एकड़ क्षेत्रफल में निर्माण होने वाले गारलैंड ट्रेंच में लगभग 62 लाख घनमीटर पानी का संचय होगा। इसके निर्माण में लगभग 80 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। इससे 9 हजार हेक्टेयर खेत की सिंचाई होगी। हालांकि अभी 31 जगहों पर स्वीकृत मिली है। जिसके निर्माण में 72.24 करोड़ रुपए खर्च होंगे। 6 जगहों पर निर्माण का पूरा हो चुका है।
31 जगहों पर सर्वे का काम पूरा, 72 करोड़ रुपए होंगे खर्च
लघु जल संसाधन विभाग की ओर से गारलैंड ट्रेंच निर्माण वाले 31 जगहों पर सर्वे का काम पूरा हो चुका है। इस दौरान निर्धारित जगहों पर बारिश की स्थिति, संचय के तरीके के साथ ही किसानों तक पानी पहुंचाने के लिए रूट का निर्धारण भी किया जा चुका है। फिलहाल छह जगहों पर निर्माण पूरा होने के बाद उसके आसपास के क्षेत्रों की मॉनिटरिंग की जा रही है जिससे पानी को अधिक से अधिक खेतों तक पहुंचानी की व्यवस्था की जा सके।
गौरतलब है कि बिहार में पिछले 22 वर्षों के दौरान 16 वर्ष ऐसे रहे हैं, जब औसत से कम बारिश हुई। इससे हर वर्ष पहाड़ी क्षेत्रों में पानी की समस्या होती है। इसको देखते हुए 2020-21 में 100 जगहों पर गारलैंड ट्रेंच बनाने की योजना थी। लेकिन, सर्वे के बाद पहले 33 जगहों और फिर 40 जगहों पर निर्माण का निर्णय लिया गया।
इन जगहों पर हुआ निर्माण
- बांका के फुल्लीडुमर प्रखंड के बहेरा मौजा, बौंसी प्रखंड के सांगा पंचायत, छत्रपाल पंचायत के कोकरीतरी गांव, पहाड़पुर
- गया के खिजसराय प्रखंड के हथियामा, गया के कोरवा नादरा
बिहार के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पानी की समस्या को देखते हुए गारलैंड ट्रेंच बनाया जा रहा है। इससे पूरे वर्ष किसानों को खेत की सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। – जयंत राज, मंत्री, लघु जल संसाधन विभाग



Comment here