नई दिल्ली. केंद्रीय सड़क, परिवहन और राज्यमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार में सबसे चर्चित नेताओं में से एक माना जाता है. ऐसा होना लाजमी भी है क्योंकि सड़क व परिवहन के क्षेत्र में लोग उनके कामकाज से काफी खुश भी हैं. वो अक्सर अपने बयानों और विभिन्न प्रोजेक्ट को लेकर अपनी कमिटमेंट के लिए चर्चा में रहते हैं. हाल ही में उन्होंने एक ऐसा बयान दिया है जिसे जानकार भारत में गाड़ी चलाने वालों के चेहरे पर निश्चित तौर पर चमक आ जाएगी. गडकरी का कहना है कि वो ऐसे प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं जिसके तहत कार को 60 फीसदी इथेनॉल और 40 फीसदी बिजली का उपयोग कर चलाया जा सकता है.
नितिन गडकरी ने कहा अगर यह प्रोजेक्ट कामयाब होता है तो भारत की कच्चे तेल पर से निर्भरता बेहद कम हो जाएगी. इससे पेट्रोल महज 15 रुपये लीटर में उपलब्ध होने लगेगा. भारत का क्रूड ऑयल का इम्पोट 16 लाख करोड़ रुपये का है. इसमें भारी कमी आने से पैसा देश से बाहर जाने से बचेगा. राजस्थान के प्रतापगढ़ में गडकरी ने बुधवार को 5600 करोड़ के संयुक्त मूल्य के 11 नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट का उद्घाटन और निर्माण कार्य की शुरुआत की.
किसानों को भी मिलेगा लाभ
इस मौके पर उन्होंने कहा, ‘अगर 60 प्रतिशत इथेनॉल और 40 प्रतिशत बिजली का औसत निकाला जाए तो पेट्रोल 15 रुपये प्रति लीटर की दर से बिकने लगेगा. लोगों को इसका सीधा फायदा फायदा मिलेगा. अभी फ्यूल इंपोर्ट 16 लाख करोड़ रुपये है. इसे कम किया जा सकेगा तो ये पैसा बाहर भेजने की जगह किसानों की जेब में जाएगा.’
मिश्रित फ्यूल से चलेंगी कार
इथेनॉल का उत्पादन गन्ने की फसल से होता है. भारत में लाखों गन्ना किसान हैं. उनकी रोजी-रोटी का जरिया यही है. नितिन गडकरी ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक कारों के साथ-साथ फ्लेक्स फ्यूल कंपैटिबल इंजन बनाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं. उन्होंने ऑटोमोबिल कंपनी को इस दिशा में काम करने के लिए कहा है. सबकुछ ठीक रहा तो भारत में आने वाले वक्त में पेट्रोल और इथेनॉल को मिलाकर बने फ्यूल से चलने वाली गाड़ियां सड़कों पर दिख सकती हैं.




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