सोनू सूद का कहना है कि वो आज पटना की किसी स्टॉल पर अपने हाथों से लिट्टी चोखा बनाएंगे। राजनीति में एंट्री के सवाल पर उन्होंने कहा कि लॉर्ड ग्राउंड में रणजी की बात नहीं होनी चाहिए। समय आने पर राजनीति में भी एंट्री करेंगे। सोनू बुधवार को एक निजी कार्यक्रम में पटना पहुंचे थे।
आपने बिहारियों की बहुत मदद की है। आज आप बिहार आए हैं, कैसा लग रहा है यहां आकर? क्या बिहार से कोई खास कनेक्शन हो गया है?
बिहार से बहुत ही अटूट रिश्ता है। जब कॉलेज में था तब बिहार के बहुत सारे दोस्त बने। जब कोरोना काल आया तो बिहार के बहुत सारे परिवारों से जुड़ने का मौका मिला। मैं बिहार आते रहता हूं। अभी हम लोग बिहार के गरीब बच्चों के लिए एक स्कूल भी बनवाने वाले हैं।
एक हॉस्पिटल के लिए भी हम लोग कोशिश कर रहे हैं, जहां पर इलाज हो सके। क्योंकि बहुत सारे बिहार के लोग मुंबई में हमारे पास आते हैं। मेरी इच्छा है कि बिहार में ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर बना सकूं की लोग कहे की ऐसा ही होना चाहिए। इस कोशिश में मैं लगा हुआ हूं।
ऐसा कहा जाता है कि यह सब राजनीति में आने की रणनीति है, तो क्या आप राजनीति में आने वाले हैं?
मैंने जब मदद करना शुरू किया था, तब से कई इलेक्शन आकर चले गए, तो मुझे फर्क नहीं पड़ता। मुझे लगता है कि राजनीति से और भी बड़े बैटल ग्राउंड्स है, जहां पर मैं खड़ा हूं। जब आप लॉर्ड ग्राउंड में खेलते हैं तो फिर रणजी ट्रॉफी की बात नहीं करना चाहिए।
हां मुझे राज्यसभा से भी ऑफर आए थे, मगर अगर मुझे करना होता तो मैं उस ऑफर को एक्सेप्ट कर लेता। मुझे लगता है कि मैं उस समय रेडी नहीं था। और जब समय तय होगा तो कर लेंगे। लोगों की मदद करने के लिए कोई समय और उम्र नहीं होती, जब मर्जी आप चाहे कर सकते हैं।

बिहार से बहुत ही अटूट रिश्ता है। जब कॉलेज में था तब बिहार के बहुत सारे दोस्त बने।- सोनू सूद
आपके पास कभी कभी ऐसे डिमांड भी आते हैं जिसमें गर्लफ्रेंड से मिलवाने की बात कही जाती है। तो आप ऐसे अनोखे डिमांड से कैसे निपटते हैं?
मैं कोशिश करता हूं की गर्लफ्रेंड से मिलवा दूं। मैंने गर्लफ्रेंड से बहुत लोगों को मिलवाया भी है। मुझे ऐसा लगता है कि जहां उम्मीद होती है वहां कोशिश करनी जरूरी होती है। जो भी लोग मुझसे उम्मीद करते हैं, मैं कोशिश करता हूं कि मैं उनकी इच्छाओं को पूरा करूं।



Leave a Reply