मानसून के एंट्री से लोगों को गर्मी से निजात तो मिली है, लेकिन लगातार बारिश से गंगा के जलस्तर में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पिछले 48 घंटे की बारिश में पटना के गांधी घाट और दीघा घाट के जलस्तर में 14 सेमी से अधिक की वृद्धि हुई है। पटना में गंगा के जलस्तर में हर दिन 2 से 3 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। 1 जुलाई को दीघा घाट पर 43.56 मीटर और गांधी घाट पी 43.22 मीटर जलस्तर मापा गया था। रविवार की सुबह 6 बजे तक यह जलस्तर 43.65 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में वृद्धि से गंगा पथ पर घूमने आए लोगों को मरीन ड्राइव का खूबसूरत नजारा देखने को मिलेगा। वहीं पटना में गंगा नदी के क्षेत्र में हर दिन जलस्तर में वृद्धि देखने को मिल रही है।
क्या कहते हैं नाविक
दीघा घाट पर नाव चलाने वाले विनय कुमार ने बताया कि जून महीने में पड़ी भीषण गर्मी के कारण गंगा का जलस्तर काफी पीछे चला गया था, लेकिन मानसून के कारण गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। जल्द ही गंगा उफान पर दिखेगी। वहीं पिछले साल के आंकड़े को देखा जाए तो दीघा घाट पर 1.41 मीटर और गांधीघाट पर 1.73 मीटर जलस्तर कम है। 1 जुलाई 2022 को दीघा घाट पर 44.97 मीटर और गांधी घाट पर 44.95 मीटर जलस्तर मापा गया था। 1 जुलाई 2022 को दीघा घाट पर 44.97 मीटर और गांधी घाट पर 44.95 मीटर जलस्तर मापा गया था।
खतरे के निशान से अभी भी नीचे
हालांकि गंगा अभी अपने उफान पर नहीं है। दीघा घाट पर खतरे का निशान 50.45 मीटर और गांधी घाट पर 48.60 मीटर है। दोनों घाटों पर खतरे के निशान से जलस्तर काफी नीचे है, लेकिन मॉनसून के कारण गंगा पथ वे का नजारा और आकर्षक दिखने लगा है। गंगा के बढ़ते जलस्तर से गंगा पथ वे पर घूमने आये दर्शकों को मुंबई के मरीन ड्राइव का नजारा देखने को मिलेगा। गंगा पथ वे के पास हरियाली भी देखने को मिल रही है।



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