बगहा के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) से पंख फैलाकर मोर के मौसम का मजा लेने का वीडियो सामने आया है। वीटीआर के चंपापुर रोड में नाचते हुए मोरों को देखकर वीटीआर में आने वाले सैलानी मंत्रमुग्ध हो गए।
इस दौरान सैलानियों ने मोर का वीडियो भी बनाया। 3 दिन पहले वीटीआर के जंगल से निकलकर एक मोर 30 किलोमीटर दूर रामनगर शहर के बीचों-बीच चला गया था। जिसको वन विभाग ने रेस्क्यू किया।
वीटीआर में लगातार मोरों की संख्या बढ़ रही है। 2 साल पहले वीटीआर में 2,000 मोर थे। अब अब इनकी संख्या करीब 3,000 के आसपास हो गई है। 2 साल में वीटीआर में 1 हजार मोरों की संख्या बढ़ी है।
अगस्त में मोर के पंख झड़ जाते
सीएफ (वन संरक्षक) डॉ. नेशामणि ने बताया कि पूरे वीटीआर में मोरों की अच्छी संख्या है। वीटीआर का मौसम मोरों को काफी भा रहा है। मोरों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। साल में एक बार अगस्त में मोर के सभी पंख झड़ जाते हैं।
गर्मी आने से पहले ये पंख फिर से निकल आते हैं। साल भर में हर मोर के पास कम से कम 5 मोरनियों का समूह होता है और वह तकरीबन 25 चूजों का पिता बनता है।

जानिए राष्ट्रीय पक्षी मोर के बारे में
1. भारत में 1963 में मोर को राष्ट्रीय पक्षी का दर्जा दिया गया।
2. लगभग 4.9 फीट बड़े पंखों के साथ मोर धरती पर सबसे बड़े उड़ने वाले पक्षियों में से एक है।
3. जब मोर का जन्म होता है तो पूंछ नहीं होती, तीन साल होने के बाद वे खूबसूरत दिखने लगते।
7. मोर के दौड़ने की औसत गति 16 किलोमीटर प्रति घंटा है।
8. मोर की पूंछ में 200 से भी अधिक चमकीले रंग के पंख होते हैं।
9. मोर की उम्र 10 से 25 साल तक होती है।
9 . मोरनी कभी घोंसला नहीं बनाती, यह जमीन पर ही किसी सुरक्षित स्थान देखकर अंडे देती है।



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