कनाडा में जाली दस्तावेजों पर स्टडी वीजा लगवाकर भेजने वाले धोखेबाज ट्रैवल एजेंट की गिरफ्तारी हो गई है। बृजेश मिश्रा को कनाडा में गिरफ्तार किया गया है। कनाडा के एक समाचार पत्र ने खुलासा किया है कि बृजेश मिश्रा को कनाडा में घुसपैठ करने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया है।
कनाडा बार्डर सिक्योरिटी एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि बृजेश मिश्रा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कनाडा में घुसने की कोशिश कर रहा था। जिसे कनाडा की इमिग्रेशन कंपनी ने पकड़ लिया। इसके बाद धोखेबाज एजेंट को बार्डर सिक्योरिटी एजेंसी के हवाले कर दिया गया।

कनाडा में डिपोर्ट नोटिस मिलने के बाद प्रदर्शन करते स्टूडेंट्स की फाइल फोटो
फ्रॉड करने वालों को बख्शेंगे नहीं
कनाडा CBSA की क्षेत्रीय डायरेक्टर नीना पटेल ने कहा कि बृजेश मिश्रा पर जाली दस्तावेजों के आधार पर कनाडा में प्रवेश के साथ-साथ छात्रों के साथ की गई धोखाधड़ी का भी मामला पैसिफिक रिजनल इन्वेस्टिगेशन अनुभाग में दर्ज किया गया है। उन्होंने बृजेश मिश्रा को पकड़े जाने पर CBSA का आभार भी जताया और कहा कि जांच अभी जारी है लेकिन कनाडा के कानून को तोड़ने वाले को बख्शा नहीं जाएगा।
कनाडा के जन सुरक्षा मंत्री मैक्रो मेंडिसिनो ने कहा कि हमारी सरकार फ्रॉड करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन ले रही है। उन्होंने कहा कि जिनके साथ धोखा हुआ उन्हें बचाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं।
बृजेश मिश्रा पर 10 से ज्यादा केस दर्ज
बिहार के दरभंगा के थलवाड़ा का रहने वाले बृजेश मिश्रा स्टडी वीजा का काम करता था। मिश्रा के खिलाफ अलग-अलग थानों में मुख्य रूप से जालंधर, फरीदकोट और मलेरकोटला में 10 से ज्यादा केस दर्ज किए हैं। मिश्रा ने 2013 में ईज़ी-वे इमिग्रेशन कंसल्टेंसी नाम से अपनी फर्म बनाई थी। साल 2014 में भी वह छात्रों के साथ धोखाधड़ी करते पकड़ा गया।
जब वह लोगों से पीड़ित लोगों से समझौता कर छूट गया तो उसने दोबारा फिर से विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी का धंधा शुरू कर दिया। अब उसने अपने साथ 2 पार्टनर गुरनाम निवासी चीमा नगर एक्सटेंशन जालंधर और राहुल निवासी कबीर एवेन्यू (लद्देवाली) बनाए। तीनों ने मिलकर ठगी का खेल शुरू किया।




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