भीषण गर्मी के बीच शहर में पानी की किल्लत से हाहाकार मचा है। लगभग 50 करोड़ रुपए नल-जल पर खर्च करने के बावजूद गरीबों की बस्ती में पानी नहीं पहुंच रहा है। इस वजह से टैंकर से पानी की सप्लाई की जा रही है। पानी का लेयर तेजी से नीचे जा रहा है। सोमवार को भी मस्जिद चौक समेत कई स्थानों पर नगर निगम की ओर से टैंकर से पानी की सप्लाई की गई। पानी का लेयर गिरने से खादी भंडार समेत अन्य इलाके में मोटर पानी खींचने में हांफ जा रहा है। जल संकट से शहरवासियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
6 माह से मिठनपुरा दुर्गा स्थान का मोटर पंप फेल है। पूरे इलाके में अब जिला स्कूल स्थित टंकी से ही पानी की सप्लाई की जा रही है। इस वजह से दुर्गा मंदिर इलाके में लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। ठंड के मौसम में दुर्गा मंदिर का मोटर फेल होने के बावजूद निगम की ओर से इसको गंभीरता से नहीं लिया गया। वार्ड नंबर 18 स्थित मस्जिद चौक इलाके से आधा दर्जन बस्ती में पानी के लिए लोग परेशान हैं। लोग बाल्टी व जार लेकर एक से दूसरी जगह दौड़ लगा रहे हैं।
वार्ड पार्षद संजू देवी के घर बाल्टी लेकर पहुंच जा रही हैं महिलाएं, कई बार कर चुकी हैं हंगामा
सिकंदरपुर इलाका: पानी खींचने में हांफ जा रहा मोटर
वार्ड पार्षद संजू देवी का कहना है कि पानी की किल्लत झेल रही महिलाएं बाल्टी व अन्य बर्तन लेकर उनके घर पहुंच जा रही हैं। कई बार उनके घर पर हंगामा भी हुआ। बार-बार कहने के बाद टैंकर से पानी की सप्लाई की जा रही है। इस तरह की स्थिति वार्ड नंबर 15 और 14 सिकंदरपुर इलाके में भी बनी हुई है। सिकंदरपुर बांध से जुड़े इलाके में पानी का लेयर गिरने से मोटर चलने में भी कठिनाई है। मेन पाइप लाइन में पानी का दबाव कम हुआ है। इस वजह से दूर तक पानी पहुंचने में परेशानी आ रही है। बीच में ही मोटर से पानी खींच लिया जा रहा है।
8 करोड़ से बनी जलमीनार का लाभ नहीं
तकरीबन आठ करोड़ की लागत से जलमीनार बनाने के बावजूद लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। कई जलमीनार तक पानी पहुंच ही नहीं रहा है। जलमीनार को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं।
ब्रह्मपुरा में मोटर से आ रहा गंदा पानी
ब्रह्मपुरा में नगर निगम के मोटर से गंदा पानी निकल रहा है। इस वजह से पूरे इलाके के लोगों को परेशानी हो रही है। पानी से बदबू भी आ रहा है।
पानी आपूर्ति बहाल करने के लिए दी गई सख्त चेतावनी
इधर, मेयर निर्मला साहू का कहना है कि गर्मी में पानी की किल्लत बढ़ी है। इसको लेकर सभी को सख्त चेतावनी दी गई है। जरूरत पड़ने पर टैंकर से पानी की सप्लाई की जा रही है। 50 करोड़ की लागत से नल-जल योजना का जो काम हुआ है, उसकी भी जांच चल रही है।



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