टैक्स जमा नहीं करने वाले ट्रांसपोर्टरों की बस का परमिट रद्द करने की कार्रवाई साेमवार से शुरू हाे जाएगी। इस दिन सभी डीटीओ से अपडेट रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट में जिन बसाें का टैक्स बकाया हाेगा, उनके परमिट काे रद्द कर उस रूट पर दूसरी बस काे परमिट दिया जाएगा। डिफॉल्टर बस मालिकों काे टैक्स जमा करने के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम मिला था।
लेकिन, मुजफ्फरपुर में 253 समेत प्रमंडल की 1161 से अधिक बसाें का टैक्स बकाया है। सीमा समाप्त हाेने के बाद साेमवार काे मुजफ्फरपुर, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर के डीटीओ कमिश्नर काे अपडेट रिपोर्ट साैंपेंगे। रिपोर्ट के बाद पहले परमिट रद्द हाेगा। फिर बस रजिस्ट्रेशन रद्द करने की कार्रवाई हाेगी। डीटीओ सुशील कुमार ने बताया कि जिले के टैक्स डिफॉल्टर की सूची साेमवार काे आरटीओ काे सौंप दी जाएगी।
जान से खिलवाड़ : कमिश्नर ने डीटीओ से आज मांगी है रिपोर्ट
वर्षों से टैक्स जमा नहीं करने वाले बस मालिक सरकारी राजस्व काे चूना लगाने के साथ यात्रियों की जान से भी खिलवाड़ कर रहे हैं। टैक्स जमा नहीं करने वाले बसाें का फिटनेस नहीं हाे पाता है। बिना फिटनेस बस यदि दुर्घटनाग्रस्त हाे जाती है, ताे यात्रियों काे इंश्योरेंस का लाभ नहीं मिलेगा।
परिजनों काे क्षति-पूर्ति या भरण-पाेषण लाभ नहीं मिलता है। ऐसी बसें कब और कहां खराब हाे जाएं, इसका काेई भराेसा नहीं। प्रमंडल में टैक्स डिफॉल्टर के रूप में चिह्नित 1161 बसाें में 724 मुजफ्फरपुर में निबंधित हैं। इनमें 253 बसाें का फिटनेस, इंश्याेरेंस, प्रदूषण प्रमाणपत्र और टैक्स जमा नहीं है। 253 बसाें पर 43 लाख 69 हजार 916 रुपए जुर्माना लगाया गया है।



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