शहर के गर्ल्स स्कूल में कबाड़ हो रही 2 स्कूल बस को डिजिटल लाइब्रेरी की सकल दिया जा रहा है। इस बस में बच्चे न केवल डिजिटल दुनिया से जुड़कर ज्ञान बढ़ा सकेंगे। बल्कि बच्चों में यूनिवर्स के प्रति उत्सुकता बढ़ाने का भी प्रबंध होगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर गरीब 8 लाख का खर्च आ रहा है।
एक बस में 12 बच्चों के बैठने की जगह
डिजिटल लाइब्रेरी के संबंध में किलकारी पूर्णिया के संचालक रवि ने बताया कि गर्ल्स स्कूल में 1930 में बने दो स्कूल बस कबाड़ हो रही थी। उन्होंने उन दोनों बसों को डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की सोची। इसके लिए उन्होंने विभाग को प्रस्ताव भेजा, जो मंजूर हो गया। रवि बताते हैं कि इस डिजिटल लाइब्रेरी बस में 12 बच्चों के बैठने की जगह होगी। इसके साथ ही इसमें एक डिजिटल डिस्प्ले मोनिटर भी होगा।
बस की छत को दिया जाएगा यूनिवर्स का रूप
रवि बताते हैं कि बस की छत को यूनिवर्स का रूप दिया जाएगा। ताकि बच्चों में ब्रम्हांड के बारे में जानने की उत्सुकता बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि आमतौर पर लाइब्रेरी में मोटी मोटी किताबें देखकर बच्चों का दिमाग बोझिल हो जाता है। ऐसे में डिजिटल लाइब्रेरी उन्हें अपनी ओर आकर्षित करेगा।



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