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यात्रियों की जान से खिलवाड़:फिटनेस, इंश्योरेंस, प्रदूषण व वैध कागजात के बगैर ही जिले में चल रही हैं 253 निजी बसें

यदि आप निजी बसाें में सफर कर रहे हैं और दुर्भाग्य से वह बस दुर्घटनाग्रस्त हाे जाती है ताे हो सकता है कि आपकाे इंश्याेरेंस का भी लाभ नहीं मिले। क्योंकि, जिले में 253 बसें ऐसी चल रही है। जिनका न ताे फिटनेस है और न ही इंश्याेरेंस। प्रदूषण और टैक्स भी जमा नहीं है।

वहीं ये बसें कब और कहां खराब हाे जाएगी, इसकी काेई गारंटी नहीं है। अब तिरहुत प्रमंडल के कमिश्नर गाेपाल सिंह मीणा ने ऐसे बसाें पर सख्ती बरतने काे लेकर कई कार्रवाई शुरू की है। इसकाे लेकर प्रमंडल के सभी डीटीओ से जांच कराई गई। इसमें 1161 बसाें काे डिफाॅल्टर के रूप में चिह्नित किया गया। इसके अंतर्गत सिर्फ मुजफ्फरपुर जिले में निबंधित 724 बसाें में 253 बसाें का फिटनेस, इंश्याेरेंस, प्रदूषण और टैक्स नहीं पाया गया।

इसके बाद डीटीओ ने जिले के विभिन्न रूटाें पर चल रही 253 बसाें पर 43 लाख 69 हजार 916 रुपए जुर्माना लगाया है। डीटीओ सुशील कुमार ने इन बसाें पर जुर्माना कर क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार के संयुक्त आयुक्त सह सचिव वरूण कुमार मिश्रा काे साैंप दिया है। कहा कि एमवी एक्ट के अनुसार उक्त बसाें का संचालन मानक के अनुरूप नहीं हाे रहा है। ऐसे में विभिन्न धाराओं में कुल 253 बसाें पर जुर्माना किया गया है।

जुर्माना राशि के साथ सभी रजिस्ट्रेशन नंबर सिस्टम में लाॅक

डीटीओ ने बताया कि जिन बसाें का वैध कागजात नहीं हाेने के कारण जुर्माना निर्धारित किया गया है, यदि वे 15 दिनाें में जमा नहीं करते हैं ताे पहले उनका परमिट रद्द किया जाएगा। इसके बाद रजिस्ट्रेशन भी रद्द कर दिया जाएगा। फिलहाल जुर्माने की राशि के साथ सभी रजिस्ट्रेशन नंबर काे सिस्टम में लाॅक कर दिया गया है। बताया जाता है कि कमिश्नर की सख्ती के बाद बस संचालकाें में हड़कंप व्याप्त है।

परिवहन निगम की 15 साल पुरानी 17 बसें अब नहीं चलेंगी

15 साल से पुरानी कॉमर्शियल वाहनाें के परिचालन पर राेक लगाए जाने के सरकार के आदेश के बाद पथ परिवहन निगम के मुजफ्फरपुर डिपाे से चलने वाली 17 पुरानी बसाें का परिचालन बंद कर दिया गया है। ये सभी बसें 15 साल से अधिक पुरानी थीं। साहेबगंज, केसरिया, अरेराज, औराई व शिवहर के लिए इन बसाें का संचालन हाेता है। इन बसाें का परिचालन बंद हाेने के बाद नई बसाें काे चलाया जा रहा है।

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