मुजफ्फरपुर में डॉ रामजी प्रसाद के बेटे डॉ अमरेंद्र कुमार के प्लॉट पर तैनात गार्ड सुरेश पासवान की रविवार को हुई हत्या के बाद परिजनों में कोहराम मचा है। उनकी पत्नी धानो देवी बार-बार बेहोश हो रही थी। बहू रानी देवी चीत्कार मार रही थी। उनकी दहाड़ से एसकेएमसीएच गमगीन हो गया। वहां मौजूद लोग परिवार का ढाढस बांधने में लगे थे।
पत्नी धानो देवी ने बताया कि 15 दिन पहले सुरेश कॉल कर बोले थे कि कोई मारकर फेंक देगा। कोई ठीक नहीं है। गार्ड के तौर पर 20 दिन पहले काम शुरू किया था। इससे पहले रेलवे स्टेशन पर पार्सल में मजदूरी का काम करते थे। उनके तीन बच्चे हैं। दो बेटा एक बेटी है। बड़ा बेटा संजीव पासवान ड्राइवर है। छोटा बेटा संजय की दिमागी हालत कमजोर है।
बेटी सुमिंत्रा देवी की शादी कर चुके थे। बच्चों से प्यार करते थे। बहू रानी देवी ने बताया कि वे मिलनसार थे। उनकी किसी से दुश्मनी नहीं थी। उनकी हत्या किस कारण हुई, यह उन्हें पता नहीं है। वे लोग घर पर थे। इसी बीच कॉल आया तो पता चला कि उन्हें गोली मार दी गई है। सभी लोग भागे-भागे एसकेएमसीएच पहुंचे। वहां पता चला कि उनकी मृत्यु हो गई है। बाद में पता चला कि लोहे की रॉड या किसी कुदाल से मारकर हत्या की गई है। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
बेटे के बयान पर दर्ज हुई एफआईआर
घटना के बाद मृतक गार्ड के बड़े बेटे संजीव पासवान के बयान पर पुलिस ने फर्द बयान दर्ज किया है। इसमें संजीव ने पुलिस को बताया कि उनके पिता करीब 20 दिनों से डॉ अमरेंद्र कुमार के अहियापुर के संगम घाट के पास उनके प्लॉट पर गार्ड का काम कर रहे थे। वे जमीन पर बने चाहरदिवारी निर्माण एलवेस्टर वाले घर में रहते थे। उनके साथ एक अन्य गार्ड भी काम करते थे। 11 बजे कॉल आया कि पिता पर किसी अज्ञात अपराधी ने लोहे के रोड या नुकीली और कुदाल से हमला कर दिया है। उन्हें एसकेएमसीएच लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।



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