जिले के दलसागर में एक मकान पर बुलडोजर चला है। उसे मलबे में बदल दिया गया है। इस कार्रवाई से पहले जमकर हाईवोल्टेज ड्रामा चला। प्रशासन को उस घर के परिजनों के विरोध का भी समाना करना पड़ा। स्थानीय पशुपति सिंह के परिजनों ने जमकर बवाल काटा।
पीड़ित परिवार की महिला हसराजो देवी और मुन्नी देवी ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि जबरदस्ती उनके मकान पर बुलडोजर चलाया गया। इधर, प्रशासन का कहना है कि कोर्ट के आदेशों के अनुसार मुआवजा भी दिया जाएगा। यह कार्रवाई बतौर मजिस्ट्रेट ASDM दीपक कुमार की मौजूदगी में की गई।
इस मौके पर औधोगिक थानाध्यक्ष मुकेश कुमार, सदर प्रखंड राजस्व पदाधिकारी निधि ज्योत्सना, फोरलेन निर्माण कंपनी के अधिकारियों के अलावा भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती देखने को मिली। बक्सर-आरा मुख्य मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग-84 को फोरलेन के रूप में विकसित कर लिया गया है। सड़क के चौड़ीकरण को लेकर भूमि अधिग्रहण जब किया गया था, उसी समय भूस्वामियों को मुआवजा देने के साथ ही ढांचों को गिरा दिया गया। हालांकि, दलसागर में एक मकान बच गया था।
मुआवजे की राशि कोर्ट में है जमा
उधर, इस मामले में सदर अपर अनुमंडल पदाधिकारी दीपक कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-84 पर एक ढांचा बचा हुआ था जिसका पहले से ही सीमांकन हो चुका था, लेकिन रैयातदार विरोध कर रहे थे। इसके बाद भूअर्जन पदाधिकारी के पत्र के आलोक में अनुमंडल पदाधिकारी का आदेश प्राप्त हुआ है, जिसके बाद इस ढांचा को तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि रैयातदार के बीच कानूनी विवाद है इसलिए मुआवजे की राशि नियमानुसार कोर्ट में जमा कर दी गई है। जो कोर्ट के फैसले के हिसाब से भुगतान कर दिया जाएगा। ASDM दीपक कुमार ने बताया कि सदर क्षेत्र में NH-84 पर लगभग सभी अतिक्रमण को हटा लिया गया है। प्रशासन की कार्रवाई निर्विवाद रूप से चल रही है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण वाले अन्य ढांचों को चिह्नित किया जा रहा। यदि आवश्यकता पड़ी तो उन्हें भी हटाया जाएगा। उन्होंने बताया कि आज केवल एक ही ढांचा को तोड़ा गया है।



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